
एआई तस्वीर
तंवरी। देलदर गांव में अचानक 66 भेड़ों की मौत से हड़कंप मच गया। यह घटना उस समय सामने आई, जब देवासी समाज के 5-6 परिवार अपनी भेड़ों को चराने के लिए निकले थे। प्यास लगने पर भेड़ों को पास स्थित एक तालाब पर पानी पिलाया गया।
पानी पीते ही कुछ भेड़ें अचानक गिरने लगीं और देखते ही देखते एक के बाद एक 66 भेड़ों ने दम तोड़ दिया। इस घटना से मौके पर मौजूद पशुपालक परिवारों में अफरा-तफरी मच गई और वे स्तब्ध रह गए। प्रारंभिक रूप से आशंका जताई जा रही है कि तालाब का पानी दूषित या जहरीला हो सकता है।
तालाब का पानी पीने के बाद निम्बाराम देवासी की 13, लाखाराम की 19, मालाराम की 2, तेजाराम की 2, कालूराम की 18 तथा रणछोड़ की 12 भेड़ों की मौत हो गई। अचानक इतनी बड़ी संख्या में भेड़ों की मौत से पशुपालकों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। भेड़ पालन पर निर्भर इन परिवारों के सामने अब आजीविका का संकट खड़ा हो गया है।
ग्रामीणों की ओर से प्राथमिक स्तर पर यह आशंका जताई जा रही है कि तालाब के पानी में किसी प्रकार का जहरीला तत्व मिल गया था या पानी पहले से ही दूषित था। इसी वजह से यह घटना हुई। घटना के बाद पूरे गांव में चिंता का माहौल है और लोग इस मामले की सच्चाई सामने आने की मांग कर रहे हैं। प्रभावित परिवारों को इस घटना से गहरा मानसिक आघात भी पहुंचा है।
पंचायत समिति सिरोही के उप प्रधान नारायण सिंह देवड़ा मौके पर पहुंचे और प्रभावित परिवारों को सांत्वना दी। ग्रामीणों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कराने, तालाब के पानी के नमूने लेकर परीक्षण करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। साथ ही पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा और आर्थिक सहायता देने की भी मांग उठाई गई है। इस घटना ने पशुपालकों की सुरक्षा और जल स्रोतों की गुणवत्ता को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन से उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही पूरे मामले की जांच कर सच्चाई सामने लाई जाएगी और प्रभावित परिवारों को राहत दी जाएगी।
Published on:
18 Apr 2026 06:27 pm
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