इस बीच बुधवार की सुबह ये दोनों बालिकाएं हमेशा की तरह घर से शौच के लिए निकली तो महेन्द्र कुमार ने उनका पीछा किया और एक लडक़ी को अपहरण की नियत से उठाकर ले जाने लगा। जिस पर वे दोनों चिल्लाई तो उनकी मां भागकर वहां पहुंची और अपनी बेटियोंं को छुडवाने का प्रयास करने लगी। इस दौरान आरोपी ने उसके साथ भी धक्का मुक्की की। इस घटनाक्रम के कुछ समय बाद शेषाराम का भाई हजाराम का पुत्र भरत कुमार जो बुधवार को परीक्षा देने के लिए जाने वाला था, वह बिस्किट लेने के लिए दुकान पर गया। उसी समय वहां पहुंचे महेन्द्र ने कुल्हाड़ी से उसके सिर पर वार कर दिया। जिससे वह बेहोश होकर वहीं गिर पड़ा। इसी दौरान उसे छुड़ाने जब हजाराम मौके पर पहुंचा तो महेन्द्र के परिजनों ने एक राय होकर हजाराम के साथ भी कुल्हाड़ी व लाठियों से बेरहमी से मारपीट की। जिससे वह भी गंभीर रूप से घायल हो गया। इसी दौरान बीच बचाव करने आए शेषाराम, उसकी पत्नी ओर बेटा राजाराम पर भी हमला कर घायल कर दिया।