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Tokyo Paralympics 2020: सुमित अंतिल ने वर्ल्ड रिकॉर्ड के साथ गोल्ड मेडल जीतकर रचा इतिहास

Tokyo Paralympics 2020 में पहले शूटर अवनि लेखरा ने भारत के लिए गोल्ड मेडल जीता तो अब जेवलिन थ्रो में सुमित अंतिल ने वर्ल्ड रिकॉर्ड के साथ गोल्ड जीतकर इतिहास रच दिया है। पैरालंपिक में भारत का यह दूसरा गोल्ड मेडल है।
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नई दिल्ली

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Bhup Singh

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Updated: 30 Aug 2021, 5:19 PM IST

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Tokyo Paralympics 2020 में जेवलिन थ्रो के F-64 इवेंट में भारतीय एथलीट सुमित अंतिल ने वर्ल्ड रिकॉर्ड के साथ गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया है। सुमित ने अपने दूसरे प्रयास 68.08 मीटर का थ्रो किया और विश्व रिकॉर्ड बना डाला। इसके बाद उन्होंने 5वें प्रयास में इसे और सुधारा और 68.55 मीटर के थ्रो के साथ विश्व रिकॉर्ड कायम किया। इससे पहले सोमवार को शूटर अवनि लेखरा ने भारत को पैरालंपिक में पहला गोल्ड मेडल दिलाया था।

5वें प्रयास में किया 68.55 मीटर का थ्रो
सुमित ने अपने पहले प्रयास में 66.95 मीटर दूर भाला फेंका जो भी एक रिकॉर्ड है। तीसरे प्रयास में 65.27, चौथे प्रयास में 66.71 और 5वें प्रयास में सुमित ने 68.55 मीटर का थ्रो किया। ऑस्ट्रेलिया के माइकल बरियन ने 66.29 मीटर थ्रो की बदौलत सिल्वर मेडल जीता। श्रीलंका के दुलन कोडिथुवक्कू ने 65.61 मीटर के थ्रो के साथ ब्रॉन्ज जीता। इसी इवेंट के F-44 क्लास में भारत के ही संदीप चौथे स्थान पर रहे जिन्होंने सीजन का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 62.20 मीटर का थ्रो किया।

6 साल पहले एक सड़क हादसे ने बदल थी पूरी जिंदगी
करीब 6 साल पहले की बात है जब सुमित अंतिल ने एक सड़क हादसे में अपना पैर गंवा दिया था। आज वह मेहनत और जज्बे के दम पर इस मुकाम पर पहुंचे हैं। हरियाणा के रहने वाले सुमित अंतिल तीन बहनों के बीच इकलौते भाई हैं। सुमित के पिता एयरफोर्स में थे और उनकी बीमारी के चलते मौत हो गई थी। साल 2015 में जब सुमित ट्यूशन लेकर अपने घर आ रहे थे तभी एक ट्रैक्टर—ट्रॉली ने टक्कर मार दी। इसी हादसे में सुमित को अपना पैर गंवाना पड़ा था। इस दौरान वह कई महीनों तक बिस्तर पर रहे थे।