
सफाई ठेके की पुष्टि के लिए अधिकारियों ने डाला डेरा
श्रीगंगानगर.
शहर में बरसाती पानी से बिगड़े हालात को देखने के लिए नगर परिषद आयुक्त सुनीता चौधरी ने बुधवार को विभिन्न इलाकों का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि पुरानी आबादी एरिया, मीरा चौक और सुखाडिय़ा मार्ग से पानी निकासी के लिए प्रयास किया जा रहा है। यहां तक कि मुख्य नालों को साफ कराने के लिए स्वास्थ्य अधिकारी देवेन्द्र प्रताप के साथ कई सफाई कार्मिक भी लगाए गए हैं।
इधर, शहर के बाईस वार्डों की सफाई के लिए ठेका हो चुका है लेकिन डीएलबी से मंजूरी अभी नहीं मिल पाई है। ठेके की पुष्टि कराने के लिए परिषद के सचिव लाजपतराय बिश्नोई, लेखा सहायक मदनलाल डूडी और लिपिक विनोद गर्ग पिछले दो दिन से जयपुर में डेरा डाले हुए हैं। आयुक्त ने बताया कि डीएलबी से पुष्टि होने के बाद सफाई व्यवस्था में आ रही अड़चन को दूर कर लिया जाएगा। इस बीच शहर में जिन वार्डों में ठेके के अस्थायी सफाई कार्मिक करते थे, वहां अब हालात खराब अधिक हो रहे हैं। कचरे का उठाव नहीं हो रहा है तो सड़कों पर बुहारी तक नहीं लग रही है। ऐसे में आयुक्त ने एक फर्म को तीस सफाई कर्मियों के लिए अधिकृत किया है, यह ठेका फर्म इन सफाई कर्मियों को अलग-अलग वार्डो में जाकर सफाई करवाएगी।
बरसात आई तब संभाले मुख्य नाले
पिछले एक साल से नगर परिषद प्रशासन ने शहर के मुख्य नालों की समुचित सफाई नहीं कराई है, इसकी पोल उस समय खुली जब मंगलवार को मामूली बरसात से पानी की निकासी नहीं हो पाई। बुधवार को परिषद की टीम मुख्य नाले के उन प्वाइंटों को खुलवाने के लिए दौड़ी जहां जहां सिल्ट अधिक जमी हुई है। कबीर चौक के पास मुख्य नालों की हालत इस कदर है कि वहां से पानी गुरुनानक बस्ती गड्ढे तक पहुंच नहीं रहा है।
आयुक्त का कहना था कि मीरा चौक से चहल चौक, सुखाडिय़ा सर्किल से मीरा चौक तक, एसएसबी रोड, सुखाडिय़ा सर्किल से शिव चौक तक, शिव चौक से राजकीय जिला चिकित्सालय तक, पुरानी आबादी उदाराम चौक, ताराचंद वाटिका के पास आदि इलाके के मुख्य नालों को लोगों ने इस कदर कवर कर दिया है कि वहां सफाई के रास्ते बंद है। ऐसे में दुकानों और मकानों के आगे कब्जों को साफ करवाया जाएगा।
Published on:
7 Jun 2018, 8:02 AM IST
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