
meeting with collector
श्रीगंगानगर.
सरकारी मेडिकल कॉलेज के निर्माण की मांग पर आंदोलन चला रहे गंगानगर युवा मोर्चा के पदाधिकारियों को जिला कलक्टर ने मंगलवार को बाहर का रास्ता दिखा दिया। मोर्चा के पदाधिकारी कलक्टर से मिलने उनके कार्यालय में गए थे। बात तब बिगड़ी जब उन्होंने कलक्टर से सरकार की ओर से जारी स्वीकृति पत्र (एलओपी) की प्रति मांगी। उल्लेखनीय है कि सरकार ने अभी तक मेडिकल कॉलेज के लिए स्वीकृति पत्र जारी नहीं किया है। मोर्चा पदाधिकारियों ने प्रति उपलब्ध कराने के लिए जोर दिया तो कलक्टर बिफर गए और उन्होंने सभी को बाहर चले जाने का कहा।
सरकारी मेडिकल कॉलेज के निर्माण की मांग को लेकर मोर्चा के कार्यकर्ता 82 दिनों से अम्बेडकर सर्किल पर धरना दे रहे हैं। इस बीच कई बार प्रदर्शन भी हो चुके हैं और सरकार व प्रशासन पर दबाव बनाने के लिए पानी की टंकी पर भी चढ़ चुके हैं। ऐसी उम्मीद जताई जा रही थी कि होली के बाद कभी भी मेडिकल कॉलेज से संबंधित स्वीकृति पत्र जारी हो सकता है। इसकी जानकारी लेने के लिए ही मोर्चा के पदाधिकारी ज्ञापन के साथ कलक्टर के पास गए थे। शिष्टमंडल में देवकरण नायक, बंटी मौर्य, भजन सिंह घारू, हरकेवलसिंह, बलवीर सोनी, सुनील गेदर व अन्य लोग शामिल थे।
बैठक में तय हुआ था
त्रिशंकु बने सरकारी मेडिकल कॉलेज निर्माण को लेकर 14 फरवरी को सरकार और दानदाता के बीच जयपुर में बैठक हुई थी। तब कॉलेज निर्माण के सभी बिन्दुओं पर विस्तृत चर्चा होने के बाद सरकार की ओर से यह कहा गया था कि मेडिकल कॉलेज के निर्माण के बारे में नया स्वीकृति पत्र शीघ्र जारी कर दिया जाएगा। यह पत्र जारी होने के बाद दानदाता निर्माण कार्य शुरू कर सकते हैं। तब दानदाता ने भी यह घोषणा की थी स्वीकृति पत्र मिलने के बाद महीनेभर में ही वे निर्माण कार्य शुरू करवा देंगे। हालांकि, 22 फरवरी को राजस्थान पत्रिका से बातचीत में कलक्टर ने हफ्तेभर में स्वीकृति पत्र जारी होने की बात कही थी, लेकिन अभी तक स्वीकृति पत्र जारी नहीं हुआ।
Published on:
6 Mar 2018, 8:46 PM IST
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