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गमगीन माहौल में हुआ गुरमीत सिंह कुन्नर का अंतिम संस्कार, राहुल और गहलोत ने व्यक्त की संवेदना

करणपुर विधायक गुरमीत सिंह कुन्नर की पार्थिव देह गुरुवार को पंचतत्व में विलीन हो गई। अंतिम संस्कार पैतृक गांव 25 बीबी में उनकी कृषि भूमि में किया गया।
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श्री गंगानगर

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Santosh Trivedi

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Updated: 17 Nov 2023, 12:57 PM IST

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पदमपुर। करणपुर विधायक गुरमीत सिंह कुन्नर की पार्थिव देह गुरुवार को पंचतत्व में विलीन हो गई। अंतिम संस्कार पैतृक गांव 25 बीबी में उनकी कृषि भूमि में किया गया। राजनीतिक दलों के नेताओं के अलावा हजारों समर्थकों की मौजूदगी में बेटे रूपिन्द्र सिंह रूबी कुन्नर व पौत्र जयवीर कुन्नर सहित परिजनों ने मुखाग्नि दी। विधायक कुन्नर का बुधवार को दिल्ली के एम्स में निधन हो गया था। कांग्रेस नेता राहुल गांधी और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी 25 बीबी जाकर संवेदना व्यक्त की।


अंतिम यात्रा में श्रीगंगानगर विधायक राजकुमार गौड ,गुरुनानक देव कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष परमजीत सिंह रंधावा ,पूर्व सांसद भरत मेघवाल व शंकर पन्नू , कांग्रेस जिलाध्यक्ष अंकुर मिगलानी, पंजाब के भाजपा नेता जगदीप सिंह , कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राकेश शर्मा ,फूलचंद मिगलानी व जितेंद्र सिंह ढिल्लों सहित इलाके की सामाजिक, व्यापारिक एवं धार्मिक संस्थाओं के पदाधिकारी शामिल हुए।


सादुलशहर में जनसभा को संबोधित करने के बाद शाम साढ़े पांच बजे के आसपास कांग्रेस नेता राहुल गांधी, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, प्रदेशाध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा व पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट 25 बीबी पहुंचे। सभी ने रूपिन्द्र सिंह, रूबी कुन्नर व परिजनों से मिलकर विधायक कुन्नर के निधन पर शोक व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने विधायक कुन्नर के निधन को पार्टी की अपूरणीय क्षति बताया।


निर्विरोध सरपंच बनकर राजनीतिक पारी की शुरुआत करने वाले विधायक कुन्नर तीन बार विधायक रहे। वर्ष 2008 में कांग्रेस की टिकट नहीं मिलने पर उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ा और विजयी रहे। कांग्रेसी होने के नाते सरकार का समर्थन करने पर उन्हें गहलोत मंत्रिमंडल में कृषि विपणन राज्य मंत्री का पद मिला। कांग्रेस ने इस बार भी उन्हें करणपुर विधानसभा सीट से प्रत्याशाी बनाया था। लेकिन यह चुनाव वह लड़ नहीं पाए।

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