30 अक्टूबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

प्रेमिका ने परिजनों को नचाया तिगनी का नाच

सत्रह वर्षीय किशोरी उस समय अपने परिजनों के खिलाफ बगावत में उतर आई जब उसे प्रेमी के खिलाफ बयान देने के लिए सख्ती की।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

श्री गंगानगर

•

image

vikas meel

•

Updated: 31 Oct 2017, 8:12 PM IST

demo pic

demo pic

श्रीगंगानगर।
सत्रह वर्षीय किशोरी उस समय अपने परिजनों के खिलाफ बगावत में उतर आई जब उसे प्रेमी के खिलाफ बयान देने के लिए सख्ती की। किसी तरह इस किशोरी ने मुख्यमंत्री कार्यालय में शिकायत कर दी, वहां से महिला हैल्पलाइन के माध्यम से सूरतगढ़ पुलिस ने इस किशोरी को अपनी सुरक्षा में लेकर यहां बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया। वहां से उसे सुरक्षा की दृष्टिगत विवेक आश्रम भिजवाया गया है। हुआ यूं कि सूरतगढ़ इलाके की सत्रह वर्षीय किशोरी का अपने मोहल्ले के युवक के साथ प्रेम प्रसंग हो गया। दोनों एक दूसरे के परिणय सूत्र बंधने की तैयारी में जुट गए लेकिन किसी ने परिजनों को सूचना दे दी। जब परिजन गंभीर कदम उठाते तब तक यह प्रेमी जोड़ा जयपुर तक पहुंच चुका था। पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज कर इस किशोरी को पकडक़र परिजनों के सुपुर्द कर दिया।

इस किशोरी को समझाने के लिए परिजनों ने जब सख्ती की तो यह किशोरी नहीं मानी। तब उसने किसी तरह जयपुर में मुख्यमंत्री कार्यालय के टेलीफोन नम्बर पर पूरे घटनाक्रम की जानकारी दे दी। इसमें यह भी आरोप लगा दिया कि परिजन उसे जान से मारने के लिए लगातार प्रताडि़त कर रहे है। सीएमओ से जब घंटियां जिला मुख्यालय से होती हुई सूरतगढ़ पुलिस तक पहुंची तो पुलिस अधिकारियों की एक टीम ने इस किशोरी को अपनी सुरक्षा में लिया और यहां बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश कर दिया। समिति अध्यक्ष के अलावा काउसंलरों ने समझाइश का प्रयास किया लेकिन वह नहीं मानी। उसकी जिद्द को देखते हुए परिजनों की बजाय यहां मोहनपुरा स्थित विवेक आश्रम में सुरक्षा के लिहाज से रहने के लिए भेज दिया।


बस अपने प्रेमी के संग ही रहूंगी
बाल कल्याण समिति कार्यालय में यह प्रेमिका बार बार यही जिद्द करती रही कि वह अपने परिजनेां की बजाय प्रेमी संग रहेगी। परिजनों और पुलिस ने बालिग होने तक इंतजार करने की बात कही तो वह नहीं मानी। पुलिस अधिकारियो की माने तो किशोरी की आयु एेसी है कि वह कोई भी कदम उठा सकती है, एेसे में जोखिम लेना उचित नहीं समझा और यह मामला बाल कल्याण समिति के सुपुर्द कर दिया।

बड़ी खबरें

View All

श्री गंगानगर

राजस्थान न्यूज़