हैरत यह रही कि इन स्कूली बच्चों को सरकारी योजनाओं में प्रगति के दावों से संबंधित फोल्डर दिए गए। यही फोल्डर बाद में पंडाल में इधर-उधर बिखरे नजर आए। हैरानी है कि आधार में जरूरी संशोधन करवाने के लिए अटल सेवा केन्द्रों पर लाइन लगती है वहीं प्रदर्शनी स्थल पर 'आधार' स्टॉल लगाई गई थी। इसके लिए बकायदा आवश्यक मशीन भी लगी थी। मगर कोई भी व्यक्ति वहां नजर नहीं आया। शुक्रवार को प्रशासन की ओर से भीड़ जुटाने के लिए स्कूली बच्चों, आंगनबाड़ी, नरेगा मजदूर, स्वयं सहायता समूह और विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को बुलाया गया था। कल जश्न में शामिल होने के बाद भाजपा के नेता और कार्यकर्ता भी प्रदर्शनी स्थल पर नजर नहीं आए।