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श्रीगंगानगर।
आखिरकार छह साल के लंबे कानूनी दावपेच के बाद राज्य सरकार ने पंजाबी विषय तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती परीक्षा 2012 को दुबारा परीक्षा कराने के आदेश दिए गए है। यह पुन: परीक्षा अगले महीने 25 फरवरी को एक पारी में आयोजित होगी, इस संबंध में जिला परिषद प्रशासन ने तैयारियां भी शुरू कर दी है। श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ जिले के करीब ढाई हजार अभ्यार्थियों को अब राहत मिलने की उम्मीद फिर से बंधी है। यह मामला दोनों जिले का है। श्रीगंगानगर में 136 पद है जबकि हनुमानगढ़ जिले में 86 पदों को लेकर यह परीक्षा दुबारा हो रही है। 2 जून 2012 को इस परीक्षा के लिए आवेदन मांगे गए थे, तब कुल 1873 आवेदन प्राप्त हुए थे। इसमें से 1224 अभ्यार्थी ही परीक्षा में उपस्थित हुए थे, शेष गैर हाजिर रहे। जब इस परीक्षा का परिणाम आया तो कई अभ्यार्थियों ने राजस्थान उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी।
इसमें आरोप लगाया कि परीक्षा में श्रीगंगानगर के एक प्राइवेट कॉलेज की व्याख्याता की ओर से लिखी गई गाइड से ही 60 प्रश्न आए थे। ये प्रश्न भी एक ही सीरिज और उनके विकल्प के रूप में वे ही शब्द इस्तेमाल किए गए जो गाइड में अंकित थे। यह पेपर कुछ लोगों को गुपचुप तरीके से पहुंचाकर लाभाविंत करने का प्रयास किया गया है, इस मामले में हाईकोर्ट ने पंचायतराज विभाग, राज्य के शासन सचिव और जिला परिषद श्रीगंगानगर प्रशासन को तलब किया था। हाईकोर्ट में लंबी सुनवाई के बाद यह मामला नहीं निपटा तो राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में भी एक रिट दायर की थी। इस दौरान इलाके के कई विधायकों ने विधानसभा सदन में भी यह मामला उठाकर पंजाबी विषय तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती के बारे में ठोस निर्णय लेने की मांग को लेकर राज्य सरकार से सवाल जवाब भी किए थे। इस दौरान हाईकोर्ट ने अपने अंतिम निर्णय में श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ दोनों जिलों के जिला परिषद प्रशासन को पंजाबी विषय के एक्सपर्ट कमेटी बनाकर उनका निर्णय सरकार के पास भिजवाने के आदेश किए थे।
कमेटी की रिपोर्ट को सरकार ने आखिर स्वीकारा
जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विश्राम मीणा ने बताया कि हाईकोर्ट के आदेश पर पंजाबी विषय के एक्सपर्ट कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में एक ही गाइड से प्रश्न पूछने के आरोप को सही माना, कमेटी ने इस परीक्षा में सबंधित 60 सवालों के बोनस अंक देने या परीक्षा रद्द करने की सिफारिश की। इस पर जिला परिषद प्रशासन की ओर से सरकार के पास भी रिपोर्ट भेजी गई, सरकार ने कमेटी और सीईओ की रिपोर्ट को स्वीकार कर लिया। राज्य के पंचायतीराज विभाग ने अब 25 फरवरी को सुबह 11 बजे से दोपहर एक बजे तक यह परीक्षा दुबारा से आयोजित कराने का आदेश जिला परिषद को दिया गया है।
उपस्थित अभ्यार्थी ही होंगे मान्य
सीईओ ने बताया कि यह परीक्षा पहले हुई थी और उसमें जितने अभ्यार्थी उपस्थित हुए थे, वे ही अब मान्य होंगे। इसमें गैर हाजिर हुए अभ्यार्थियों को नहीं बुलाया जाएगा। उन्होने बताया कि श्रीगंगानगर जिले में 1873 कुल परीक्षार्थी थे जिसमें 1224 परीक्षार्थी हाजिर हुए थे, इन 1224 परीक्षार्थियों को दुबारा परीक्षा देने का अवसर दिया जाएगा। परीक्षा केन्द्रों के लिए पंचायतराज विभाग को अवगत कराया है, मंजूरी मिलते ही परीक्षा केन्द्रों की सूची बनाई जाएगी।
Published on:
16 Jan 2018, 8:51 PM IST
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