महेंद्र सिंह शेखावत
Rajasthan Assembly Election 2023 : बहुत दूर तक जाना पड़ता है, सिर्फ यह जानने के लिए कि नजदीक कौन है? यह स्लोगन सियासी पिच पर एकदम सटीक बैठता है। चुनावी समर में कूदे प्रत्याशी भी सुदूर इलाकों में खुशी-खुशी इसीलिए चले आते हैं ताकि जीत कर जयपुर लौटा जा सके। आलम यह है कि जयपुर के चक्कर में जयपुर के मूल निवासी प्रत्याशी घनचक्कर हो रहे हैं। जीत की चाह में अपना घर छोड़कर दूसरी जगह जाने में गुरेज न करने वालों में प्रमुख राजनीतिक दलों के साथ-साथ निर्दलीय भी शामिल हैं। एक ही जिले में अपने मूल विधानसभा क्षेत्र को छोड़कर दूसरे क्षेत्र से चुनाव लड़ने के उदाहरणों की फेहरिस्त तो काफी लंबी है। दूसरे जिले से आकर चुनाव लड़ने वालों को सियायत में कई नामों से भी नवाजा जाता है, मसलन, पैराशूटर, बाहरी तक कह दिया जाता है। एक चर्चित गीत मेरे अंगने में तुम्हारा क्या काम हैं भी ऐसे प्रत्याशी के साथ चस्पा कर दिया जाता है। अपवाद भी हैं जिन्होंने अपना घर छोड़ कर जयपुर में ही घर बना लिया और वहीं के होकर रह गए। शपथ पत्र में जयपुर का पता लिखा है।