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तापीय परियोजना में छह कोल रैक पहुंचे, मिली राहत

कोयला संकट से जूझ रहे सूरतगढ़ सुपर थर्मल के लिए सोमवार का दिन राहत लेकर आया। सोमवार शाम 6 बजे तक परियोजना में छह कोयले के रैक पहुंच गए।
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श्री गंगानगर

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pawan uppal

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Updated: 1 May 2018, 8:54 AM IST

suratgarh thermal

सूरतगढ़ थर्मल.

कोयला संकट से जूझ रहे सूरतगढ़ सुपर थर्मल के लिए सोमवार का दिन राहत लेकर आया। सोमवार शाम 6 बजे तक परियोजना में छह कोयले के रैक पहुंच गए। वहीं रात्रि तक दो और कोयले के रैक पहुंचने की उम्मीद जताई गई। मुख्य अभियंता एमएल शर्मा ने बताया कि सोमवार को वर्तमान में उत्पादन की रही 250-250 मेगावाट की पांचो इकाइयों के लिए आवश्यक कोयले से अधिक आपूर्ति होने से परियोजना में कुछ कोयला अतिरिक्त हो जायेगा।

उन्होंने बताया कि कोयला खदानों से लगातार 5-6 कोयले के रैक सूरतगढ़ थर्मल के लिए लोड हो रहे हैं। जिसके कारण धीरे-धीरे स्थिति में सुधार की उम्मीद है। पर्याप्त कोयला स्टॉक होते ही गुरुवार से बन्द पड़ी 250 मेगावाट की छठी इकाई से भी बिजली उत्पादन शुरू कर दिया जाएगा।


कोयला मिल में लगी आग
जहां एक ओर परियोजना कोयला संकट से जूझ रही है, वहीं सोमवार दोपहर को 250 मेगावाट की चौथी इकाई की सीडी मिल में आग लगने से एकबारगी अफरा तफरी मच गई। मुख्य अभियंता एमएल शर्मा ने बताया कि गर्मी अथवा हल्की चिंगारी से मिल के आसपास पड़े कोयले में सोमवार दोपहर को मामूली आग लग गई थी। जिसे तुरन्त काबू पा लिया गया। आग से विद्युत उत्पादन सहित किसी भी उपकरण को कोई नुकसान नही पहुंचा है। कोयला संकट से जूझ रहे सूरतगढ़ सुपर थर्मल के लिए सोमवार का दिन राहत लेकर आया। सोमवार शाम 6 बजे तक परियोजना में छह कोयले के रैक पहुंच गए।

सोमवार को भी कम लोड पर चली इकाईयां
भार सम्प्रेषण केंद्र जयपुर के निर्देशो पर सूरतगढ़ सुपर थर्मल पावर स्टेशन की उत्पादन कर रही 250-250 मेगावाट की पांचो इकाइयों से सोमवार को भी क्षमता से कम उत्पादन लिया गया। शाम 7 बजे तक परियोजना की प्रथम इकाई से 189 मेगावाट, दूसरी से 199 मेगावाट, तीसरी से 197 मेगावाट, चौथी से 191 मेगावाट एवं पांचवी इकाई से 196 मेगावाट बिजली उत्पादन हो रहा था। जानकारों के अनुसार इकाइयों के कम लोड पर चलने से कोयले की खपत में भी कमी आती है।

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