
श्रीगंगानगर.
भारत-पाक सीमा पर बसे गांवों में कुछ गांवों का चयन कर इनको स्मार्ट विलेज बनाया जाएगा। विभाग की मंशा है कि इन गांवों में मूलभूत सुविधाएं लोगों को उपलब्ध करवाई जाए। इस उद्देश्य को लेकर राज्य सरकार ने दो सरहदी गांवों का चयन स्मार्ट विलेज के रूप में किया है। एक करोड़ 10 लाख रुपए के कार्य मंजूर कर पंचायत समितियों का निर्माण कार्य शुरू करवाने के लिए पाबंद कर दिया है।
इन गांवों में सीमा क्षेत्र विकास कार्यक्रम (बीएडीपी) में शिक्षा, चिकित्सा, स्वच्छ पेयजल, पार्क, सड़क, आंगनबाड़ी, पानी निर्माण, डिग्गी निर्माण व बैंक जैसी काफी सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएगी। इसके लिए राज्य सरकार ने इन गांवों में मूलभूत सुविधाएं विकसित करने के लिए एक करोड़ 10 लाख रुपए की राशि मंजूर की गई है। पंचायत समिति श्रीगंगानगर के गांव मदेरां और अनूपगढ़ के बांडा गांव का चयन स्मार्ट विलेज के रूप में किया गया है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी कुछ गांवों का चयन स्मार्ट विलेज के रूप में किया गया था। उन गांवों में बीएडीपी में निर्माण कार्य चल रहा है और कुछ में कार्य पूर्ण भी हुए हैं।
जल्द होगा गांवों में विकास
जिला परिषद ने दोनों गांवों में होने वाले विकास कार्यों की विस्तृत रिपोर्ट तैयार की गई है। एक करोड़ 10 लाख रुपए के कार्य मंजूर कर पंचायत समितियों का निर्माण कार्य शुरू करवाने के लिए पाबंद कर दिया है।
इन गांवों का हुआ चयन
पंचायत समिति श्रीगंगानगर ग्राम पंचायत मदेरां
पंचायत समिति अनूपगढ़ ग्राम पंचायत बांडा
बीएडीपी में दो गांवों का चयन स्मार्ट विलेज प्लान के तहत किया गया है। इन गांवों में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए कार्य करवाए जाएंगे। इनकी स्वीकृति विभाग को मिल चुकी है।
जितेंद्र खुराना, सहायक अभियंता, पंचायत समिति, श्रीगंगानगर।
Published on:
3 May 2018, 7:53 AM IST
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