
श्रीगंगानगर.
शहरी क्षेत्र में रात्रि 11 बजे के बाद पेट्रोलियम पदार्थ न मिलने से होने वाली परेशानियों के मामले में कुछ और रोचक हैरानी भरे तथ्य सामने आए हैं। श्रीगंगानगर में रोजाना 25 हजार लीटर डीजल की बिक्री हो रही है, जबकि जिला मुख्यालय से लगभग 6 किलोमीटर की दूरी पर स्थित गुमजाल (पंजाब) में डीजल की औसतन बिक्री प्रतिदिन 18 लाख लीटर है।
श्रीगंगानगर से सैकड़ों बसें-ट्रक और टैक्सियां डीजल भरवाने के लिए गुमजाल जाती हैं। इसकी वजह है कि पंजाब में डीजल पर टैक्स कम होने के कारण यह श्रीगंगानगर के मुकाबले प्रति लीटर छह रुपए कम है, लेकिन पेट्रोल की दर एक समान है।
साधुवाली से चिपते पंजाब में नौ पेट्रोल पम्प हैं। इन पर रात-दिन डीजल और पेट्रोल की बिक्री होती है। इसी तरह की स्थिति हनुमानगढ़-अबोहर मार्ग और संगरिया के निकट चौटाला मार्ग पर है। संगरिया, हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर के लोग पंजाब सीमा पर स्थित पेट्रोल पम्पों से डीजल खरीदते हैं। इससे राज्य सरकार को टैक्स की काफी हानि होती है। पेट्रोल पम्प डीलर एसोसिएशन इस टैक्स को कम करवाने की लम्बे समय से मांग कर रहे हैं। एसोसिएशन का प्रतिनिधि मंडल इस संबंध में दर्जनों बार केन्द्र और राज्य सरकार के मंत्रियों से मिल चुका है, लेकिन राज्य सरकार पंजाब के मुकाबले राजस्थान में डीजल पर टैक्स कम करने को तैयार नहीं है।
होती है अवैध बिक्री
वाहनों के मालिक भी पंजाब में डीजल की दर को सस्ता देख वहीं से डीजल पदार्थ खरीदतेे हैं। इससे गंगानगर जिले में डीजल की बिक्री काफी कम हो गई है। ग्रामीण क्षेत्रों से भी कई लोग किसान के नाम पर पंजाब से डीजल खरीदकर गांवों में उसकी अवैध बिक्री करते हैं। डीजल की बिक्री बिल्कुल कम हो जाने के कारण पेट्रोल पम्प एसोसिएशन भी अब रात्रि के समय केवल पेट्रोल बिक्री के लिए पम्प को खोलना उचित नहीं मान रहे, लेकिन कुल मिलाकर आपात स्थिति में रात्रि के समय पेट्रोल और डीजल की अनुपलब्धता लोगों के लिए मुसीबत बनी हुई है।
Published on:
2 May 2018, 7:44 AM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.