सुकमा में नक्सलियों ने 34 आदिवासियों का किया अपहरण, आंकड़ों में उलझी पुलिस

- नक्सली चक्रव्यूह : पहले 7 युवाओं को किया अगवा, इन्हें रिहा कराने गए 14 परिजनों को भी रोका, फिर 13 और युवाओं को गांव से बुलवाया
- एसपी सुनील शर्मा ने की अपहरण की पुष्टि लेकिन संख्या पर भ्रम

By: Bhupesh Tripathi

Updated: 21 Jul 2021, 01:10 AM IST

सुकमा . दक्षिण बस्तर के जगरगुंडा थाना क्षेत्र के कुन्देड़ ग्राम के 34 आदिवासियों को अगवा करने की जानकारी मिली है। इसमें रविवार 18 जुलाई को 7, मंगलवार 13 युवाओं को अगवा किया गया। रविवार को अगवा हुए लोगों को छुड़ाने गए 14 परिजन भी नक्सलियों के चंगुल में पहले से ही फंसे हुए थे। समाचार लिखे जाने तक यह सभी ग्रामीण जंगल में ही हैं।

सुकमा जिले के एसपी सुनील शर्मा ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि अपहरण तो हुआ है लेकिन ग्रामीणों की संख्या पर भ्रम है। इसलिए फोर्स तस्दीक करने में लगी है कि कितने ग्रामीण मिसिंग हैं। उन्होंने बताया कि इलाका नक्सल प्रभावित है जवान इस गांव गए थे लेकिन यहां मौजूद महिलाएं अलग-अलग जानकारी दे रहीं हैं। कुछ का कहना है कि उनके घर के लोग रिश्तेदारी में गए हैं कुछ ने जरूर स्वीकार किया है कि नक्सली उन्हें ले गए ।

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मंगलवार को 13 और ग्रामीणों को किया अगवा
नक्सलियों ने जंगल से 2 ग्रामीणों को कुन्देड़ गांव भेजकर 13 युवाओं को जंगल बुलवाया। बताया जाता है कि नक्सली इन ग्रामीणों से पूछताछ कर रहे हैं। पुलिस सूत्रों ने बताया कि इन युवाओं के नाम अभी सामने नहीं आए हैं।

युवाओं पर दबाव बनाने की रणनीति है अपहरण
ग्रामीणों के अपहरण का वास्तविक कारण सामने नहीं आया है। जानकारों का मानना है कुन्देड़ ग्राम धुर नक्सल प्रभावित है। यह जगरगुंडा थाना से 5 किमी दूर है। यहां पर भी सुरक्षा बलों का कैम्प प्रस्तावित है। इस कारण फोर्स का इस गांव में आना-जाना बढ़ा है। युवा पुलिस में गोपनीय सैनिक न बनें इस कारण युवाओं पर दबाव बढ़ाने के उद्देश्य से इन ग्रामीणों को अगवा किया गया होगा।


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सर्व आदिवासी समाज ने रिहा करने की अपील की
सर्व आदिवासी समाज के वेको हूंगा और युवा प्रभाग के रामधर बघेल ने सुकमा में पत्रकारों से चर्चा करते हुए नक्सलियों ने अपील की है कि वे सभी को सुरक्षित रिहा कर दें। समाज के पदाधिकारियों ने पूर्व में अगवा किए गए 7 युवाओं के नाम जारी किए हैं। इनमें उईका सन्नू, उईका प्रकाश, उईका रामलाल, कारम हिंदा, उईका मुकेश, तेलम प्रशांत, उईका गुंडा शामिल हैं। इनके अपहरण की जानकारी मिलने के बाद गांव के वरिष्ठ 14 लोग जिनमें उईका डोले, उईका हिंगा, उईका हिड़मा और उईका हूंगे भी रविवार को जंगल की ओर रवाना हुए थे

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