26 अक्टूबर 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

महीनेभर बाद सिर्फ एक हफ्ते ही रहेगा शुभ मुहूर्त, इन तारीखों पर कर लें मांगलिक कार्य, फिर करना होगा काफी लंबा इंतजार

10 नवंबर शनिवार से बृहस्पति अस्त हो रहे हैं, जिसे तारा डूबना भी कहा जाता है...
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

सुल्तानपुर

•

image

Nitin Srivastva

•

Updated: 11 Nov 2018, 12:46 PM IST

Shubh Muhurat dates timing in 2018 and 2019

महीनेभर बाद सिर्फ एक हफ्ते ही रहेगा शुभ मुहूर्त, इन तारीखों पर कर लें मांगलिक कार्य, फिर करना होगा काफी लंबा इंतजार

सुल्तानपुर. भैया दूज पर्व के साथ नवरात्र से शुरु हुए त्योहारी सीजन पर अब विराम लग गया है। अब दो महीने तक दूल्हे राजा सिर पर मुकुट धारण कर घुड़सवारी नहीं कर सकेंगे। इतना ही नहीं, बल्कि विवाह, मुंडन और गृह प्रवेश जैसे दूसरे शुभ कार्य भी दो महीने के लिए बंद हो गए हैं। शनिवार से बृहस्पति अस्त होने की वजह से ऐसा हो रहा है।

एक महीने बाद एक सप्ताह के लिए होगा शुभ मुहूर्त

ज्योतिषाचार्य रवि दुबे के अनुसार अब तकरीबन एक माह के बाद एक सप्ताह के लिए फिर से शुभ मुहुर्त होंगे। शारदीय नवरात्रि के साथ जो त्योहारी सीजन शुरु हुआ था। उस सीजन का शुक्रवार को अंतिम पर्व भैया दूज संपन्न हो गया। आचार्य रवि दुबे बताते हैं कि साल 2018 में अब और कोई बड़ा हिंदू पर्व नहीं है। बल्कि यूं कहिये कि साल 2018 में अब शादी विवाह या कोई अन्य शुभ कार्य सम्पन्न नहीं हो सकेगा।

लोहड़ी से शुरू होगा शुभ मुहूर्त

नये साल में पर्वों का सिलसिला लोहड़ी के साथ शुरु होगा और फिर मकर संक्रांति, बसंत पंचमी और बैसाखी तक चलेगा। एक ओर जहां लंबा चला त्योहारी सीजन समाप्त हो गया। वहीं अब अगले करीब एक माह के लिए शुभ मुहूर्त न होने की वजह से विवाह, सगाई, मुंडन, गृह प्रवेश जैसे अन्य शुभ कार्य सम्पन्न कराना वर्जित हो गया।

शनिवार से शनिदेव हो गए हैं अस्त

ऐसा इसलिए क्योंकि 10 नवंबर शनिवार से बृहस्पति अस्त हो रहे हैं, जिसे तारा डूबना भी कहा जाता है। इस बारे में ज्योतिषाचार्य रवि दुबे ने कहा कि ज्योतिष शास्त्रों में तारा डूबे होने के दौरान कोई भी शुभ या मांगलिक कार्य करना निषेध है।

शुभ कार्य वर्जित

तारा डूबने के बाद विवाह, मुंडन सहित अन्य सभी शुभ कार्य वर्जित हो जाते हैं। इसके बाद सात दिसंबर को बृहस्तपति उदय होंगे और 13 दिसम्बर को दोबारा अस्त हो जाएंगे। इसके चलते 13 दिसंबर तक शुभ कार्यों के लिए मुहुर्त रहेंगे। 15 दिसंबर से फिर से तारा डूब जाएगा और शुभ कार्य वर्जित होंगे। जो 14 जनवरी 2019 में मकर संक्रांति के साथ फिर से शुरु होंगे।

व्यापार में भी रहेगी मंदी

पंडित सुरेश कुमार शास्त्री के अनुसार त्योहारी सीजन में बाजार में ग्राहकों की भीड़ रहने से दुकानों में खूब खरीददारी हुई। जिससे दुकानदारों का कारोबार बेहतर रहा था। मगर अब बृहस्पति के डूब जाने, त्योहारी सीजन खत्म होने और तारा डूबने का असर बाजार पर भी पड़ेगा। तारा डूबने की वजह से अगले महीने तक कारोबार भी मंदा रहने के आसार हैं। जिससे दुकानदारों की चिंताएं बढ़ने लगी हैं।

बड़ी खबरें

View All

सुल्तानपुर

उत्तर प्रदेश

ट्रेंडिंग