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Sawan 2021 : जानें- सावन महीने में ही लोग क्यों करते हैं भगवान शिव की पूजा, इस बार बन रहे खास योग

Sawan 2021- आचार्य डॉक्टर शिव बहादुर तिवारी के अनुसार इस बार सावन माह की शुरुआत रविवार से तो समाप्ति भी रविवार को ही हो रही है, जो सावन के महीने को इस बार बेहद खास बना रहा है...
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सुल्तानपुर

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Hariom Dwivedi

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Updated: 25 Jul 2021, 4:17 PM IST

 why people worship lord shiva on sawan month

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
सुलतानपुर. Sawan 2021- सनातन संस्कृत का सबसे पवित्र माह सावन आज रविवार 25 जुलाई से आरंभ हो गया है। यह माह भगवान भोलेनाथ (Lord Shiva) को अतिप्रिय माना जाता है। इस विशेष माह में शिव की आराधना, उपासना और अभिषेक से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। मन में पवित्र साधना और आध्यात्मिक की भावना उमड़ पड़ती है। आचार्य डॉक्टर शिव बहादुर तिवारी के अनुसार इस बार सावन माह की शुरुआत रविवार से तो समाप्ति भी रविवार को ही हो रही है, जो सावन के महीने को इस बार बेहद खास बना रहा है। आचार्य डॉक्टर शिव बहादुर तिवारी के अनुसार सावन में पवित्रता पूर्ण जीवन व्यतीत करें और ओम नमः शिवाय का जाप करें। शिव का गंगाजल और गाय के दूध से अभिषेक करें। फल- फूल, बिल्वपत्र, धतूरा, गाय का दूध और अन्य पूजन सामग्री से भगवान शिव की महाआरती करें जो परम् कल्याणकारी है।

सावन में यह करना है महादोष
आचार्य डॉक्टर शिव बहादुर तिवारी कहते हैं कि सावन में पूरे महीने पत्ते वाली सब्जियां न खाएं सिर्फ सात्विक भोजन करें। सावन के महीने में पत्ते वाली सब्जियां खाना दोष माना जाता है। स्कंद पुराण के अनुसार इस महीने में एक समय भोजन करना चाहिए। पानी में बिल्वपत्र या आंवला डालकर स्नान करें इससे पापों का क्षय होता है। भगवान विष्णु का वास जल में होता है इसलिए इस महीने में तीर्थ के जल से स्नान का विशेष महत्व है। उन्होंने कहाकि संत समाज को वस्त्र, दूध, दही, पंचामृत और अन्य फलों का दान करना चाहिए। जो बहुत पुण्यदायक है।

अति विशेष है सावन की शिवरात्रि
आचार्य डॉ. तिवारी कहते हैं कि सावन मास की शिवरात्रि भगवान शिव की पूजा के लिए उत्तम होती है। इस बार सावन की शिवरात्रि का पूजन 6 अगस्त को होगा। यह महीना भगवान शिव को समर्पित होता है। इस पूरे महीने में प्रतिदिन भगवान शिव और माता पार्वती की विधि- विधान से पूजा करने का विधान है। शिव- पार्वती पूजा के लिए यह मास सर्वोत्तम एवं सर्वश्रेष्ठ होता है। सावन सोमवार हो या मंगला गौरी दोनों व्रतों से शिव शक्ति का आशीर्वाद व अनुकंपा प्राप्त होती है, लेकिन जो लोग शिवरात्रि का व्रत रखते हैं, उन पर भगवान शिव की विशेष कृपा तथा आशीर्वाद प्राप्त होता है और व्रत रखने वाले लोगों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं।

सावन शिवरात्रि व्रत 2021 कब है?
भगवान शिव को समर्पित मासिक शिवरात्रि, हर माह की चतुर्दशी तिथि को मनाई जाती है। हिंदू पंचांग के अनुसार, सावन माह की चतुर्दशी तिथि 6 अगस्त दिन शुक्रवार शाम को 06 बजकर 28 मिनट पर शुरू हो रही है जबकि यह तिथि अगले दिन यानी 7 अगस्त को शाम 07 बजकर 11 मिनट पर समाप्त होगी। चूंकि शिवरात्रि का पूजन रात्रि में होता है इसलिए शिवरात्रि का व्रत 6 अगस्त को रखा जाएगा। इस बार सावन की शिवरात्रि 6 अगस्त को रात 09:48 बजे से तड़के 03:06 बजे तक है और 07 अगस्त को तड़के 03:06 बजे से प्रात: 05:46 बजे तक है। ऐसे समय में शिव का परायण उत्तम शुभफलदायी है।

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सावन के सोमवार को बन रहा विशेष योग
आचार्य डॉ. शिव बहादुर तिवारी के अनुसार, इस बार सावन के महीने में पड़ने वाले हर सोमवार को विशेष योग बन रहा है। इससे सोमवार को पूजा-व्रत करने से भगवान शिव की बड़ी कृपा प्राप्त होती है। 26 जुलाई को सावन का पहला सोमवार है। इस दिन सौभाग्य योग बन रहा है। 2 अगस्त को सावन का दूसरा सोमवार है। इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है। 9 अगस्त को सावन का तीसरा सोमवार पड़ रहा है। इस दिन वरीयान योग बन रहा है और 16 अगस्त को सावन का चौथा सोमवार है। इस दिन ब्रह्मयोग, यायिजय योग और सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है।

चतुर्मास में आता है सावन का महीना
सावन का महीना चतुर्मास में आता है। इसलिए इस महीने में मांगलिक कार्य करने की मनाही होती है। लेकिन, ज्योतिष के अनुसार सावन का महीना बेहद शुभ माना जाता है। डॉ. तिवारी के मुताबिक, सावन के महीने की शुरुआत में शनि और मंगल ग्रह वृश्चिक राशि में गोचर कर रहे हैं। गुरु और राहु सिंह राशि में जबकि केतु कुंभ राशि में गोचर कर रहे हैं। इसके अलावा, सूर्य, शुक्र और बुध कर्क राशि में गोचर कर रहे हैं। सावन के महीने में वृष, कर्क, कन्या, तुला, वृश्चिक, मकर और कुंभ राशि को लाभ मिलने के योग हैं।

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