
Cyber criminals arrested
सूरजपुर। सूरजपुर पुलिस ने साइबर ठगों (Cyber criminals arrested) के नेटवर्क में शामिल 5 आरोपियों को पकड़ा है। ये आरोपी साइबर ठगों के लिए म्यूल बैंक अकाउंट व एटीएम कार्ड उपलब्ध कराते थे। इसके साथ ही साइबर ठगों को मोबाइल सिम भी उपलब्ध कराते थे। इनके ऐसे 2 बैंक अकाउंट की पहचान की गई है जिसमें 2 लाख रुपए से अधिक का ट्रांजेक्शन हुआ है। आरोपियों के म्यूल बैंक अकाउन्ट नंबरों एवं उनके मोबाइल नंबरों को सीज किया जा चुका है।
भारतीय साइबर (Cyber criminals arrested) अपराध समन्वय केन्द्र द्वारा संचालित समन्वय पोर्टल (ज्वाइंट साइबर क्राइम कॉर्डिनेशन टीम मैनेजमेंट इन्फारमेंशन सिस्टम) में स्थित विभिन्न बैंक शाखाओं में संचालित लेयर-1 पर कार्रवाई करने के संबंध में पुलिस मुख्यालय छत्तीसगढ़ से शिकायत प्राप्त हुई थी।
इसमें म्यूल अकाउंट खाता धारक आनंद कुमार साहू निवासी मदनेश्वरपुर थाना रामानुजनगर के बैंक ऑफ महाराष्ट्र व यूनियन बैंक ऑफ इंडिया शाखा सूरजपुर के अकाउंट (Cyber criminals arrested) शामिल थे। एसएसपी प्रशांत कुमार ठाकुर ने ऑनलाइन साइबर फ्रॉड की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए इसकी जांच अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संतोष महतो से कराई।
जांच उपरान्त साइबर फ्रॉड (Cyber criminals arrested) से संबंधित शिकायत में यूनियन बैंक सूरजपुर का खाता आनंद कुमार साहू के नाम से होने पर उसके विरूद्ध कोतवाली थाने में धारा 413, 420, 120 के तहत अपराध दर्ज किया गया। इस मामले की जांच के बाद पुलिस ने आनंद कुमार साहू व चार अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
एएसपी संतोष महतो व सीएसपी एसएस पैंकरा के मार्गदर्शन में हुई कार्रवाई में थाना प्रभारी विमलेश दुबे, एएसआई संजय सिंह, प्रधान आरक्षक कृष्णकांत पाण्डेय, प्रदीप उपाध्यक्ष, आरक्षक रौशन सिंह, युवराज यादव, विनोद सारथी, रविराज पाण्डेय, संत पैंकरा व कामेश्वर नेताम सक्रिय रहे।
विवेचना के दौरान पुलिस ने पाया कि म्यूल एकाउंट खाता (Cyber criminals arrested) धारक आनंद कुमार साहू के खाते में अलग-अलग राज्य से संबंधित साइबर क्राइम में ठगी की गई रकम करीब 2 लाख 4 हजार 981 रुपए का लेन-देन किया गया है।
फिर प्रकरण (Cyber criminals arrested) की जांच के बाद म्यूल बैंक अकाउन्ट संग्रहण कर साइबर अपराध के गिरोह को बैंक अकाउन्ट, एटीएम एवं मोबाइल सिम उपलब्ध कराने वाले सौरभ साहू व अमन साहू तथा बैंक खाता देने वाले आनंद कुमार साहू, विशाल साहू व सूर्या सोनवानी को पकड़ा गया।
पुलिस ने बताया कि साइबर ठगी (Cyber criminals arrested) करने वाले ठगी से अर्जित गई रकम अपने बैंक खातों में जमा नहीं कराते, इसके लिए वे दूसरों के बैंक अकाउंट का उपयोग करते हैं।
इसके एवज में खातेदार को कुछ रकम दी जाती है। बैंक अकाउंट, डिजिटल वॉलेट या अन्य वित्तीय माध्यमों का उपयोग साइबर अपराधी ठगी की रकम या अवैध धन को एक जगह से दूसरी जगह ट्रांसफर करने में करते हैं।
ठगी की रकम को खपाने के लिए उनको बैंक खाते या वॉलेट की जरूरत पड़ती है। इसके लिए म्यूल अकाउंट का इस्तेमाल करते हैं। किसी व्यक्ति को पैसा नौकरी, इनाम या निवेश का लालच देकर वे अपने जाल में फंसाते हैं।
Published on:
21 Mar 2025 08:36 pm
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