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नहाय-खाय के साथ छठी मैया का व्रत शुरू

खरना के बाद 36 घंटों का शुरू होगा निर्जला व्रत
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सूरत

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Dinesh O.Bhardwaj

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Updated: 12 Nov 2018, 6:02 PM IST

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नहाय-खाय के साथ छठी मैया का व्रत शुरू

सूरत. उत्तर भारत का चार दिवसीय लोक पर्व छठ पूजा रविवार को नहाय-खाय के साथ शुरू हो गया। व्रतियों ने साफ-सुथरे ढंग से अरवा चावल का भात और कद्दू की सब्जी बनाकर परिजनों को प्रसाद के रूप में खिलाया और फिर स्वयं भी ग्रहण किया। वहीं, सोमवार शाम खीर-रोटी का प्रसाद ग्रहण कर व्रतियों का 36 घंटे का निर्जला छठ व्रत शुरू हो जाएगा। व्रत में मंगलवार को अस्ताचलगामी सूर्य और बुधवार को उदीयमान सूर्य के अघ्र्य के बाद व्रत का पारणा किया जाएगा।
छठ का व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं ने रविवार को शहर में तापी किनारे, तालाब और घर में शुद्ध जल से स्नान कर सूर्य भगवान को नमन किया। अरवा चावल से बने भात, चने की दाल और लौकी की सब्जी का प्रसाद परिजनों समेत स्वयं ने भी ग्रहण किया। इसकेे बाद सोमवार को खरने का प्रसाद व्रतियों ने परिजनों के साथ मिलकर तैयार किया। विशेष रूप से आटे से निर्मित ठेकुआ की तैयारी समूह में शुरू की गई।


घाटों पर तैयारियां अंतिम चरण में


छठ महापर्व के मौके पर शहर में तापी नदी के विभिन्न घाट व तालाब किनारे पर छठ पूजा की विभिन्न तैयारियां रविवार देर शाम अंतिम चरण में नजर आई। तापी नदी पर वियर-कम-कॉजवे, नावड़ी घाट, अंबाजी मंदिर के निकट, इस्कॉन मंदिर घाट, छठ सरोवर, कराड़वा तालाब समेत अन्य स्थलों पर विभिन्न संगठनों की ओर से रोशनी, पानी समेत अन्य व्यवस्था की जा रही है।


गूंजेंगे लोकगीत, सामाजिक संगठन तैयार


सोमवार शाम खरना के बाद व्रती से आशीर्वाद और प्रसाद ग्रहण करने की परंपरा का निर्वाह किया जाएगा। प्रसाद ग्रहण करने आने वाले श्रद्धालु छठ माता के गीत गाएंगे। लोकगीतों का गुंजन छठ पूजा के आयोजन स्थल तापी नदी के घाट व तालाब किनारे किए जाएंगे। इसमें आमंत्रित लोक कलाकार भी शामिल रहेंगे। इन आयोजनों के लिए विभिन्न सामाजिक संगठन सक्रिय है।


यहां पर यह देंगे सेवा


उत्तर भारतीयों के लोकपर्व छठ पूजा के विशेष दो दिवसीय आयोजनों के दौरान शहर में तापी नदी के विभिन्न घाट व तालाब किनारे मंगलवार शाम अस्ताचलगामी सूर्य को हजारों श्रद्धालु अघ्र्य देंगे वहीं, बुधवार सुबह उदीयमान सूर्य को जल समर्पित किया जाएगा। आयोजन के दौरान सभी प्रमुख पूजा स्थलों पर विभिन्न सामाजिक संगठन सेवाकार्य में सक्रिय रहेंगे।
बिहार विकास परिषद इस्कॉन घाट, जहांगीरपुरा
बिहार विकास मंडल वियर-कम-कॉजवे, वेडरोड
श्रीछठ पूजा सेवा समिति नावड़ी घाट, नानपुरा
समस्त बिहार-झारखण्ड समाज ट्रस्ट अंबिकानिकेतन, पार्ले पोइंट
श्रीछठ मानव सेवा ट्रस्ट छठ सरोवर, डिंडोली