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EDUCATION DEPT : कैसे विद्यार्थी भाषा का पा सकेंगे ज्ञान..!!

- प्राथमिक विद्यालयों में नहीं दी जा रही है हिन्दी और अंग्रेजी विषय की शिक्षा- प्राथमिक विद्यालयों में हिन्दी और अंग्रेजी की शिक्षा देने का विद्यालयों को दिया गया आदेश- सर्वे से पता चला कि पिछले साल प्राथमिक स्कूलों में नहीं दी गई हिन्दी और अंग्रेजी की शिक्षा
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सूरत

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Divyesh Kumar Sondarva

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Updated: 10 Sep 2018, 7:47 PM IST

Primary education

EDUCATION DEPT : कैसे विद्यार्थी भाषा का पा सकेंगे ज्ञान..!!

सूरत.

राज्य के विद्यार्थियों को भाषा को लेकर बड़ी समस्या हो सकती है। विद्यालयों में भाषा का ज्ञान ही नहीं दिया जा रहा है। गुजरात शैक्षणिक संशोधन एवं प्रशिक्षण परिषद के सर्वे में पता चला है कि प्राथमिक स्कूल बच्चों को हिन्दी और अंग्रेजी नहीं पढ़ा रहे हैं। इसलिए सभी प्राथमिक स्कूलों को बच्चों को हिन्दी और अंग्रेजी पढ़ाने का आदेश दिया है।
भाषा के प्रति विद्यार्थियों का ज्ञान धीरे-धीरे कम होता जा रहा है। इसका मुख्य कारण स्कूलों में भाषा के विषय पर ध्यान नहीं देना सामने आया है। गुजरात में होते हुए भी कई विद्यार्थी गुजराती बोल और लिख नहीं पाते हैं। सरकार को जैसे ही इस बारे में पता चला तो सभी स्कूलों में गुजराती की शिक्षा देना अनिवार्य कर दिया गया। इस नियम को शैक्षणिक सत्र 2018-19 की शुरुआत होते ही लागू किया गया। गुजरात शैक्षणिक संशोधन एवं प्रशिक्षण परिषद ने भी राज्य के प्राथमिक विद्यालयों का सर्वे किया। सर्वे में प्राथमिक स्कूलों में क्या पढ़ाया जा रहा है, सरकार की ओर से तय किया गया पाठ्यक्रम किस तरह पढ़ाया जा रहा है। सरकार की ओर से तैयार की गई पुस्तकों से ही पढ़ाया जा रहा है या नहीं, इस पर सर्वे हुआ। सर्वे में चौंकाने वाली बात सामने आई। राज्य के तीसरी और चौथी कक्षा के विद्यार्थियों को हिन्दी और अंग्रेजी सिखाई नहीं जा रही है। जबकि राज्य सरकार की ओर से तीसरी और चौथी के पाठ्यक्रम में हिन्दी और अंग्रेजी विषय की शिक्षा को स्थान दिया गया है। सर्वे में पता चला है कि हिन्दी और अंंग्रेजी की शिक्षा नहीं दिए जाने के कारण विद्यार्थी इन भाषाओं में कमजोर हैं। अभी से इन मुख्य भाषाओं की बुनियाद मजबूत नहीं की गई तो आगे जाकर विद्यार्थियों को काफी परेशानी हो सकती है। इसलिए गुजरात शैक्षणिक संशोधन एवं प्रशिक्षण परिषद ने सभी स्कूलों को कक्षा तीसरी और चौथी में हिन्दी और अंग्रेजी की शिक्षा अनिवार्य रूप से देने का आदेश दिया है। इसके लिए गुजरात सरकार शिक्षा विभाग की ओर से बनाई गई कक्षा तीन और चार की अंग्रेजी की किताब का अनुसरण करने का आदेश दिया है। हाल में चल रहे शैक्षणिक सत्र में प्रथम सत्र पूर्ण होने को आ रहा है। दीपावली वेकेशन के बाद द्वितीय शैक्षणिक सत्र शुरू होगा। इसलिए तब से अनिवार्य रूप से हिन्दी और अंग्रेजी भाषा पढ़ाने का आदेश दिया गया है। जिला प्राथमिक शिक्षा अधिकारी को इस आदेश का प्राथमिक विद्यालयों में पालन हो रहा है या नहीं, इस पर नजर रखने का निर्देश दिया गया है।

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