
सूरत.
सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्स के निर्देश पर आयकर विभाग नोटबंदी के दिनों में बड़ी रकम जमा करने वालों के खिलाफ जांच कार्रवाई की तैयारी में है। सूरत में नोटबंदी के दौरान 50 लाख रुपए से अधिक राशि जमा कराने वाले 200 से अधिक करदाताओं के पांच सौ करोड़ रुपए के आय के स्रोत जानने के लिए आयकर विभाग कार्रवाई करेगा।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2016 में 7 दिसंबर को 1000 और 500 रुपए के नोट प्रतिबंधित कर नोटबंदी लागू की थी। जिन लोगों के पास बड़ी अघोषित राशि थी, उन्हें अपने रुपए ठिकाने लगाने के लिए कड़ी मशक्कत करना पड़ी। कई लोगों ने रुपए बिल्डर्स को दिए तो कइयों ने डिस्काउंट रेट पर अन्य किसी को पांच सौ और एक हजार के नोट पकड़ा दिए। कहीं दाल नहीं गलने पर कइयों ने बैंकों में बड़ी राशि जमा करवाई। आयकर विभाग की शुरू से बैंकों मेें बड़ी रकम जमा कराने वालों पर नजर थी। देशभर में लाखो खाताधारकों ने करोड़ों रुपए इस दौरान बैंक में जमा कराए थे। सूरत समेत दक्षिण गुजरात में लगभग 200 खाताधारकों ने 50 लाख रुपए से अधिक की राशि जमा कराई थी। ऐसे पांच सौ करोड़ रुपए के स्रोत जानने के लिए आयकर विभाग जांच कार्रवाई करेगा। यदि करदाता ने यह राशि अपने रिटर्न में नहीं दर्शाई होगी तो उसके खिलाफ कर चोरी की कार्रवाई की जाएगी।
कई व्यापारिक प्रतिष्ठानों से जब्त किए दस्तावेज
आयकर विभाग ने बुधवार को शहर में कई व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर की गई कार्रवाई में सभी स्थानों से दस्तावेज जब्त किए हैं। रेंज-8 ने एक मेडिकल स्टोर पर की गई कार्रवाई में दस्तावेज जब्त किए गए। मेडिकल संचालक ने नोटबंदी के दिनों में 30 लाख रुपए जमा किए थे। उसने रिटर्न फाइल नहीं की थी। रेंज-6 ने मोटा वराछा में 1.50 करोड़ रुपए जमा करने वाले बिल्डर पर जांच की। उसने दो करोड़ रुपए की बेनामी आय मान ली। इसके अलावा पीपलोद में कार विक्रेता के यहां जांच में संचालक ने 8 लाख रुपए का काला धन स्वीकार किया। रेंज-1 ने कोहिनूर कपड़ा मार्केट में कपड़ा व्यापारी पर की गई कार्रवाई में 1 करोड़ रुपए के दस्तावेज जब्त किए। झांपा बाजार के ट्रैवल्स संचालक के यहां 70 लाख्र रुपए के काले धन का खुलासा हुआ। रेंज-9 ने क्रेडिट कॉ.ऑप सोसायटी पर जांच में 35 लाख रुपए के दस्तावेज जब्त किए। इसके अलावा हीरा की दो पेढिय़ों पर रिकवरी सर्वे में संचालकों ने 19 लाख रुपए जमा कर दिए।
Published on:
9 Feb 2018, 11:30 AM IST
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