
NCERT : एनसीइआरटी प्रोजेक्ट पर प्राचार्यों की बैठक
सूरत.
राज्य शिक्षा विभाग एनसीइआरटी प्रोजेक्ट पर जोर दे रहा है। इस सिलसिले में स्कूलों की बैठक एक अक्टूबर को होगी। जिला शिक्षा अधिकारी ने सभी स्कूल प्राचार्यों को बैठक में अनिवार्य रूप से उपस्थित होने का आदेश दिया है।
शैक्षणिक सत्र 2017-18 में गुजरात बोर्ड की कई स्कूलों में एनसीइआरटी पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया गया था। इस प्रोजेक्ट में गुजरात बोर्ड स्कूल के 10वीं के विद्यार्थियों को सीबीएसइ की एनसीइआरटी किताब से पढ़ाया गया तथा मार्च 2018 में परीक्षा ली गई। सूरत जिले की कई स्कूलों में यह प्रोजेक्ट लागू किया गया था। इसमें सफलता मिलने पर शहर और राज्य के अन्य स्कूलों में भी एनसीइआरटी प्रोजेक्ट शुरू किया गया है। सूरत शहर के 50 से अधिक स्कूलों की 1 अक्टूबर को बैठक बुलाई गई है। इन स्कूलों में एनसीइआरटी प्रोजेक्ट लागू किया जा चुका है। बैठक में स्कूल प्राचार्य को अनिवार्य रूप से उपस्थित होने का आदेश दिया गया है। अनुपस्थित रहने पर स्कूल के विद्यार्थियों का 10वीं बोर्ड परीक्षा के लिए पंजीकरण नहीं करने की चेतावनी दी गई है।
स्कूलों का परिणाम औसत
मेडिकल में प्रवेश के लिए नीट को अनिवार्य किया गया है। पहले नीट को लेकर गुजरात में फाफी हंगामा हुआ था। नीट को गुजराती में लेने की मांग हुई थी। गुजरात में गुजरात बोर्ड के विद्यार्थी ज्यादा होने से नीट के परिणाम को लेकर अभिभावक चिंतित थे। नीट का जिम्मा सीबीएसइ को सौंपा गया, इसलिए सभी बोर्ड के विद्यार्थी, जिन्हें एमबीबीएस करना है, वह सीबीएसइ की एनसीइआरटी किताबों को फोलो करने लगे। 6 मई को सीबीएसइ की ओर से ली गई नीट का परिणाम जारी किया गया। इस परीक्षा में गुजरात से 74,115 विद्यार्थियों ने पंजीकरण करवाया था और 72,531 ने परीक्षा दी। इनमें से 32,625 विद्यार्थी ही नीट की परीक्षा पास कर पाए हैं। इनमें सूरत के साहिल शाह ने 720 में से 675 अंक हासिल किए। बायो में 360 में से 355 अंक हासिल कर उसने देश में 15वां और राज्य में पहला स्थान हासिल किया। तनुज प्रेसवाला ने भी 720 में से 675 अंक हासिल किए, लेकिन बायो में कम अंक होने के कारण उसका देश में 18वां और राज्य में दूसरा स्थान आया है। सूरत की विश्वा जीनवाला ने इंटेलीजेंट क्लासेज के संदीप मोंगा के मार्गदर्शन में 669 अंक हासिल कर देश में 40वां स्थान हासिल किया। पार्थ धामेलिया 662 अंक हासिल कर देश में 51वें स्थान पर रहा। सूरत के ज्यादातर स्कूलों का परिणाम औसत रहा है।
Published on:
2 Oct 2018, 7:27 PM IST
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