28 अक्टूबर 2026,

बुधवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

जिनालय-उपाश्रय में भगवान का जन्म वाचन

श्रद्धालुओं ने कराया मुंह मीठा
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

सूरत

•

image

Dinesh O.Bhardwaj

•

Updated: 10 Sep 2018, 7:33 PM IST

patrika

जिनालय-उपाश्रय में भगवान का जन्म वाचन

सिलवासा. पर्युषण पर्व के दौरान सोमवार को शहर के जिनालय, उपाश्रय व वाड़ी-स्थानकों में भगवान महावीर का जन्मवाचन किया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने खुशी से एक-दूसरे का मुंह मीठा करवाया। वहीं, प्रवचन, सामायिक, प्रतिक्रमण आदि के आयोजन भी हुए।
सिलवासा जैन धर्मशाला में आयोजित जन्म वाचन के कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। साध्वी सुयशमाला, वात्सल्यमाला व विरक्तिमाला ने बताया कि कल्पसूत्र में भगवान महावीर के 27 भव यात्रा, त्रिशला के देखे गए 14 स्वप्न, 24 तीर्थंकरों व साधु समागत का वर्णन मिलता है। प्रवचन में उन्होंने बताया कि मनुष्य को क्रोध, अहंकार जैसे दुर्गुणों का त्याग करना चाहिए। पर्युषण त्याग-तपस्या, अध्यात्म का महापर्व है। इसमें आत्मशुद्धि का लाभ लेना चाहिए। हमारे भीतर आनंद का खजाना भरा पड़ा है, लेकिन हम उसको बाहर ढूंढ़ रहे हैंं। अंतर्मुखी बनकर आनंद का खजाना प्राप्त करें, पर्युषण पर्व की सार्थकता तभी सिद्ध होगी। पर्युषण का सही अर्थ आत्मा के ज्ञान-दर्शन, चरित्र, समता, सहनशीलता, त्याग और वैराग्य का पोषण करना है। पर्युषण एक-दूसरे से जुडऩे की साधना है। कार्यक्रम में प्रतिक्रमण, भक्तामर , अभिषेक, सेवा-पूजन, संध्या-आरती जैसे धार्मिक आयोजन हुए। श्रावक-श्राविकाएं भक्ति में सराबोर नजर आए। पर्युषण पर्व के दौरान 13 सितम्बर तक कई धार्मिक कार्यक्रम होंगे।
फोटो-पूजा एवं धार्मिक कार्यक्रम में श्रद्धालु

मेडिकल कॉलेज प्रवेश का मामला कोर्ट पहुंचा


सिलवासा. मेडिकल कॉलेजों में आरक्षित सीटों पर प्रवेश का मामला मुंबई हाईकोर्ट में पहुंच गया है। आवेदन करने वाले याचिकाकर्ता की एप्लीकेशन पर हाईकोर्ट मंगलवार को सुनवाई करेगा। याचिका में चयनित प्रार्थियों के मूल निवास पर उंगली उठाई है। विवाद सिर्फ एमबीबीएस सीटों पर प्रवेश का है, इसके बाद आयुर्वेद, होम्योपैथिक व बीडीएस की सीटों पर भी प्रवेश लटक गया है। कोर्ट ने शिक्षा विभाग से मूल निवास के पिछले नियम तरीके मांगे हैं। स्वास्थ्य व मानव कल्याण मंत्रालय ने दादरा नगर हवेली के लिए एमबीबीएस की कॉलेजों में 9, आयुर्वेद व होम्योपैथिक की कॉलेजों में 6 बीडीएस की कॉलेजों में 6 सीटें आरक्षित रखी हैं। इन सीटों पर चालू माह में प्रवेश देना अनिवार्य है। दानह के लिए एमबीबीएस की निम्न कॉलेज में आरक्षित सीटें रखी गई है। इसमें एलएच मेडिकल कॉलेज, नई दिल्ली में एक, एसएमएस मेडिकल कॉलेज, जयपुर में एक, सरकारी मेडिकल कॉलेज, तिरुअनंतपुरम में दो, सरकारी मेडिकल कॉलेज, कोझीकोड में दो, सरकारी मेडिकल कॉलेज, एलप्पुजा में दो, सरकारी मेडिकल कॉलेज, त्रिचुर में एक सीट है।

बड़ी खबरें

View All

सूरत

गुजरात

ट्रेंडिंग