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तापी में सभी तरह की प्रतिमाओं के विसर्जन पर लगाया प्रतिबंध

सूरत सिटीजंस काउंसिल ट्रस्ट की पीआइएल पर हाइ कोर्ट का फैसला
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सूरत

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Sandip Kumar N Pateel

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Updated: 13 Sep 2018, 9:13 PM IST

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तापी में सभी तरह की प्रतिमाओं के विसर्जन पर लगाया प्रतिबंध

सूरत. तापी समेत राज्य की अन्य नदियों में बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए सूरत सिटीजंस काउंसिल ट्रस्ट की ओर से दायर पीआइएल पर उच्च न्यायालय ने फैसला सुनाते हुए सिर्फ गणेश प्रतिमाएं ही नहीं, बल्कि सभी तरह की प्रतिमाओं के नदी में विसर्जन पर रोक लगाने और अन्य जरूरी कदम उठाने का निर्देश दिया।


सूरत सिटीजंस काउंसिल ट्रस्ट कई साल से इसके लिए मुहिम चला रहा है। वर्ष 2014 में ट्रस्ट की ओर से उच्च न्यायालय में पीआइएल तथा ग्रीन ट्रिब्यूनल में भी याचिका दायर की गई थी। इसी कारण वर्ष 2015 से गणेश विसर्जन के लिए कृत्रिम तालाबों का निर्माण शुरू किया गया। इसके बावजूद तापी नदी में हर साल हजारों प्रतिमाओं का विसर्जन होता रहा। तापी नदी में पूरी तरह प्रतिमाओं के विसर्जन पर रोक लगे और नदी प्रदूषित होने से बचे, इसको लेकर ट्रस्ट की ओर से इस साल दोबारा उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर की गई थी। याचिका पर सुनवाई लंबित थी।

इसी दौरान सूरत मनपा प्रशासन और पुलिस विभाग की ओर से इस साल तापी नदी में गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन पर पूरी तरह रोक लगा दी गई। सुनवाई के दौरान उच्च न्यायालय ने मनपा और सूरत पुलिस प्रशासन के इस फैसले को ध्यान में लिया और अंतिम फैसला सुनाते हुए राज्य की सभी नदियों में सिर्फ गणेश प्रतिमाएं ही नहीं, बल्कि दुर्गाष्टमी, जन्माष्टमी, दशा मां और मोहर्रम के वक्त ताजियों के विसर्जन पर भी रोक लगाने तथा प्रदूषण रोकने के लिए अन्य कदम उठाने का संबंधित विभागों को निर्देश दिया।

करोड़ों के हीरे के गणपति बप्पा


सूरत. सूरत के एक हीरा उद्यमी ने अपने घर में हीरे के गणपति बप्पा की स्थापना की है। रफ हीरों से बने गणपति बप्पा की कीमत करोड़ों रुपए बताई जा रही है। मूर्ति की स्थापना करने वाले कतारगाम के राजेश पांडव ने बताया कि अफ्रीका के कोंगोन म्यूजियमाइन से यह हीरा 2005 में लाया गया था। यह गणपति बप्पा की प्रतिकृति जैसा है। 27.74 कैरेट के हीरे की ऊंचाई 24.11 और चौड़ाई 16.49 मिलीमीटर है। हीरे का आकार गणपति बप्पा की तरह होने के कारण उन्होंने इसे बेचने के बदले अपने पास रख लिया। पिछले 12 साल से वह गणेश चतुर्थी पर हीरे के गणपति बप्पा की स्थापना कर उनकी पूजा करते हैं। धाॢमक मान्यता के अनुसार गणपति बप्पा की सूंढ दाएं ओर हो तो उसका महत्व बढ़ जाता है। इस हीरे में दाएं और सूंढ होने के कारण इसकी कीमत और बढ़ गई है।

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