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VNSGU : पीजी में प्रवेश देने की मांग

विश्वविद्यालय के कई पीजी पाठ्यक्रमों में सीटें खाली
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सूरत

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Divyesh Kumar Sondarva

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Updated: 6 Sep 2018, 9:51 PM IST

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VNSGU : पीजी में प्रवेश देने की मांग

सूरत.

वीर नर्मद दक्षिण गुजरात विश्वविद्यालय के सिंडीकेट सदस्य भावेश रबारी ने पीजी सीटों पर प्रवेश देने की मांग की है। विश्वविद्यालय के कई पीजी पाठ्यक्रमों में सीटें खाली पड़ी हैं। कई विद्यार्थी प्रवेश से वंचित हंै। सभी वंचितों को प्रवेश के लिए आमंत्रित कर प्रवेश देने के लिए बुधवार को कुलपति को ज्ञापन सौंपकर गुजारिश की गई है।

महाविद्यालय परेशान
लगता है वीर नर्मद दक्षिण गुजरात विश्वविद्यालय की प्रवेश प्रक्रिया प्रथम वर्ष के प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा तक चलेगी। विश्वविद्यालय प्रशासन ने अब तक आठ बार प्रवेश की समय सीमा बढ़ाई है। 20 साल पुरानी केन्द्रीय प्रवेश प्रणाली के बदले नई प्रणाली से विद्यार्थियों के साथ महाविद्यालय भी परेशान हैं। सभी महाविद्यालयों को प्रथम राउंड की प्रवेश प्रक्रिया 13 अगस्त तक पूर्ण करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन प्रवेश प्रक्रिया की खामियों के कारण महाविद्यालयों को भी समय पर प्रवेश प्रक्रिया पूर्ण करने में परेशानी हो रही है। प्रवेश समिति ने अब प्रवेश प्रक्रिया को 23 अगस्त तक बढ़ा दिया है। सभी महाविद्यालयों को 23 अगस्त तक प्रथम राउंड की प्रवेश प्रक्रिया पूर्ण करने को कहा गया है। इसके बाद दूसरे राउंड की प्रवेश प्रक्रिया शुरू होगी।

प्रवेश प्रक्रिया अब तक पूर्ण नहीं हुई
विश्वविद्यालय की प्रवेश प्रक्रिया अब तक पूर्ण नहीं हुई है। प्रवेश प्रक्रिया कब पूरी होगी, इसकी समय सीमा भी तय नहीं है। ऐसे में विद्यार्थी कब पढ़ेंगे, उनका पाठ्यक्रम कैसे पूर्ण होगा और परीक्षा में क्या लिखेंगे, यह बड़ा सवाल बना हुआ है। नई प्रवेश प्रणाली में सबसे बड़ी दुविधा यह है कि कॉलेज की ओर से कब प्रवेश के लिए आमंत्रित किया जाएगा, इस बारे में कोई स्पष्टता नहीं है। जब से प्रवेश प्रक्रिया शुरू हुई है, यह समस्या विद्यार्थियों की परेशानी का सबब बनी हुई है। हजारों विद्यार्थियों ने न चाहते हुए अन्य महाविद्यालयों में प्रवेश ले लिया। प्रवेश लेने के बाद मनपसंद कॉलेज से एसएमएस मिले। वहां प्रवेश के लिए पहुंचे तो एक और समस्या सामने आई। पहले जहां प्रवेश लिया था, वहां से प्रवेश रद्द करवाने पर कॉलेज प्रशासन ने 10 से 20 प्रतिशत फीस काट ली। इस बारे में विश्वविद्यालय प्रशासन से शिकायत की गई। प्रशासन ने फीस नहीं काटने का आदेश जारी किया, लेकिन किसी कॉलेज ने इस आदेश का पालन नहीं किया। सभी फीस काटकर विद्यार्थियों को पैसे वापस कर रहे हैं। लंबी प्रवेश प्रक्रिया को लेकर गुरुवार को विश्वविद्यालय प्रशासन ने पत्रकार वार्ता बुलाकर सफाई देने का प्रयास किया, लेकिन विद्यार्थियों को हो रही परेशानी पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। आज भी कब, कौन-सा महाविद्यालय प्रवेश के लिए आमंत्रित करेगा, किसी को पता नहीं है। हजारों विद्यार्थियों को कॉलेज की ओर से देर रात दूसरे दिन कॉलेज में उपस्थित होने का एसएमएस मिला। अचानक मिले एसएमएस के कारण विद्यार्थी कॉलेज नहीं पहुंच पाए। ऐसे विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय ही बदल लिया है।

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