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उल्टी-दस्त पीडि़त महिलाओं को झोलाछाप Doctor ने चढ़ा दी गलत स्लाइन, मौत

ग्राम बकिरमा की एक ही परिवार के दो पंडो महिलाओं की मौत, चार पीडि़तों का अस्पताल में उपचार जारी, गांव में लगा स्वास्थ्य शिविर
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Pranayraj rana

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Jul 12, 2016

check of pando relative

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अंबिकापुर.
शहर से महज 10 किमी दूर स्थित ग्राम पंचायत बकिरमा के पहाड़पारा में ढोढ़ी का दूषित पानी पीने से एक ही पंडो परिवार के दो महिलाओं की उल्टी-दस्त से मौत हो गई। बताया जा रहा है कि गांव में झोलाछाप डॉक्टर ने दोनों को गलत स्लाइन चढ़ाई थी। सरपंच ने गांव में महामारी फैल जाने से दहशत में आकर सीधे इसकी सूचना सांसद कमलभान सिंह को मोबाइल पर दी।


फिर सांसद का फोन कलक्टर के पास आने के बाद प्रशासनिक अमला और स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया, लेकिन तब तक एक ही परिवार की दो महिलाओं की मौत हो चुकी थी। वहीं चार लोग की स्थिति नाजुक हो गई थी। कलक्टर के निर्देश पर रविवार की रात स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित क्षेत्र में शिविर लगाकर लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया और चार पीडि़तों को अस्पताल में भर्ती कराया गया।


ग्राम पंचायत बकीरमा के पहाड़पारा के पंडोपारा में रविवार की सुबह से एक पंडो परिवार के कुछ लोगों को उल्टी-दस्त शुरू हो गया। हालत बिगडऩे पर सुबह लगभग 9.30 बजे पंडोपारा निवासी 26 वर्षीय पिंकी पिता चिंटू पंडो की मौत हो गई। दोपहर के बाद परिवार के अन्य सदस्य 28 वर्षीय मानमति सहित अन्य की भी स्थिति खराब होने लगी।


इस मामले की जानकारी मिलने पर स्वास्थ्य केंद्र से तत्काल कर्मचारी पहाड़पारा पहुंचे और परीक्षण शुरू किया। मानमति को संजीवनी 108 से जिला चिकित्सालय दोपहर 1 बजे भेजा गया। जहां देर शाम लगभग मानमति पति बलदेव पंडो की उपचार के दौरान मौत हो गई। देर रात उसी गांव में रहने वाले रामप्रसाद उरांव की 16 वर्षीय पुत्री आशा उरांव, राधा पंडो व कमला को पेट दर्द की शिकायत पर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।


झोलाछाप डॉक्टर से कराया था इलाज

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार शनिवार से ही पहाड़पारा के पंडोपारा में रहने वाली पिंकी व मानमति उल्टी दस्त से पीडि़त थी। रविवार की सुबह उनकी स्थिति बिगडऩे पर गांव में ही एक झोला छाप डाक्टर से इलाज शुरू कराया गया। झोला छाप डाक्टर द्वारा दोनों का गलत इलाज कर दिए जाने से उनकी स्थिति और बिगड़ गई।


चिकित्सकों के अनुसार उल्टी-दस्त शुरू होने पर मरीज को रिंगरकेक्टेट स्लाइन चढ़ाया जाता है। लेकिन झोला छाप डाक्टर ने डी-5 स्लाइन दोनों महिलाओं को चढ़ा दी। इससे दोनों की स्थिति और बिगड़ गई और पिंकी की सुबह मौत हो गई।


जागरूकता हेतु मुनादी

अनुविभागीय राजस्व अधिकारी आरएन सिंह, तहसीलदार रमेश मोर की उपस्थिति में ग्राम में बीमारी की सूचना हेतु मुनादी करा दी गई है। लोगों से कहा गया है कि बीमारी की स्थिति में शीघ्र स्वास्थ्य शिविर अथवा उप स्वास्थ्य केन्द्र में उपस्थित होकर इलाज कराएं।


सरपंच ने सांसद को दी जानकारी

पंडोपारा मुख्य मार्ग से काफी अंदर है। यहां पर सिर्फ 7 पंडो परिवार के लोग रहते हैं। इसमें से पांच परिवार के सदस्य उल्टी-दस्त से प्रभावित हैं। इससे गांव के लोग महमारी फैलने के डर से काफी आशंकित थे। इसकी जानकारी ग्राम पंचायत बकिरमा की महिला सरंपच ने सांसद कमलभान सिंह को दी। सांसद ने इस संबंध में कलक्टर भीम सिंह से मोबाइल पर बात की और स्थिति से अवगत कराया।


कलक्टर ने तत्काल सीएमएचओ डा. एके जायसवाल से चर्चा कर स्थिति को संभालने गांव में स्वास्थ्य शिविर लगाने के निर्देश दिए। गांव में तत्काल स्वास्थ्य अमले की टीम सीएमएचओ डॉ एके जायसवाल के नेतृत्व में बकिरमा पहुंची और स्थिति को संभाला। टीम में डॉ. शैलेन्द्र गुप्ता, डॉ. योगेन्द्र कुमार, आएमए सीमा गुप्ता अन्य कर्मचारियों के साथ रात 10 बजे गांव में पहुंचे और स्वास्थ्य परीक्षण शुरू किया। रात में काफी देर तक कलक्टर भीम सिंह भी डटे रहे। मृतकों के परिवार को 5-5 हजार रुपए की सहायता राशि प्रदान की गई है।