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देश के प्रमुख मंदिर, जो देते हैं अहिंसा की शिक्षा

जैन धर्म का संस्थापक ऋषभ देव थे पहले तीर्थंकर...
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भोपाल

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Deepesh Tiwari

•

Updated: 15 May 2020, 2:34 PM IST

Top 5 Jain Temple of India

Top 5 Jain Temple of India

संसार के प्राचीनतम धर्मों में से एक जैन धर्म है। इस धर्म का उल्लेख 'योगवशिष्ठ', 'श्रीमद्भागवत', 'विष्णु पुराण', 'शाकटायन व्याकरण', पद्म पुराण', 'मत्स्य पुराण' जैसे प्राचीन ग्रंथों में भी जिन, जैन और श्रमण आदि नामों से मिलता है। जैन धर्म भारत का प्राचीन धर्म है., ‘जैन धर्म’का अर्थ है- जिन द्वारा प्रवर्तित धर्म...

जैन धर्म का संस्थापक ऋषभ देव को माना जाता है, जो जैन धर्म के पहले तीर्थंकर थे और भारत के चक्रवर्ती सम्राट भरत के पिता थे। वेदों में प्रथम तीर्थंकर ऋषभनाथ का उल्लेख मिलता है।

माना जाता है कि वैदिक साहित्य में जिन यतियों और व्रात्यों का उल्लेख मिलता है वे ब्राह्मण परंपरा के न होकर श्रमण परंपरा के ही थे। मनुस्मृति में लिच्छवि, नाथ, मल्ल आदि क्षत्रियों को व्रात्यों में गिना है, आर्यों के काल में ऋषभदेव और अरिष्टनेमि को लेकर जैन धर्म की परंपरा का वर्णन भी मिलता है, वहीं महाभारतकाल में इस धर्म के प्रमुख नेमिनाथ थे।

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भारत व पूरे विश्व में कई जैन मंदिर हैं, ऐसे में आज हम आपको 5 प्रमुख जैन मंदिरों के बारे में बता रहे हैं।

1. दिलवाड़ा मंदिर, राजस्थान
भव्य सुंदरता से बने दिलवाड़ा मंदिर का निर्माण 12वीं सदी में हुआ था। यहां संगमरमर में की गई बारीक और खूबसूरत नक्काशी आज भी बहुत अच्छी तरह से संरक्षित है। राजस्थान की अरावली श्रृंखला में स्थित, यहां के 5 मंदिर अलग-अलग तीर्थांकरों को समर्पित हैं, और हर मंदिर में जैनी ऋषियों के चित्र, सुंदर नक्काशी वाले स्तंभ और 360 जैन तीर्थांकरों की मूर्तियां शामिल हैं। यह मंदिर परिसर कई लोगों द्वारा दुनिया का सबसे सुंदर जैन मंदिर माना जाता है।

: दिलवाड़ा के मंदिरों में 'विमल वासाही मंदिर' "प्रथम र्तीथकर(आदिनाथ/ऋषभदेव)' को समर्पित सर्वाधिक प्राचीन है जो 1031 ई. में बना था। बाईसवें र्तीथकर नेमीनाथ को समर्पित 'लुन वासाही मंदिर' भी काफी लोकप्रिय है।

: सभी 5 मंदिर एक दूसरे से भिन्न हैं जिनमें से प्रत्येक का नाम राजस्थान के एक गाँव के नाम पर रखा गया है। ये पांच मंदिर हैं विमल वसाही मंदिर, लुना वसाही मंदिर, पीथालहर मंदिर, खरतार वसाही मंदिर और श्री महावीर स्वामी मंदिर।

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2. खजुराहो मंदिर: खजुराहो, मध्य प्रदेश
यहां हज़ारों साल पुराने कई जैन मंदिर मौजूद हैं। ये सभी जैन मंदिर शहर के पूर्वी इलाके में हैं और मध्ययुगी भारतीय वास्तुकला के सुंदर नमूने हैं। हालांकि खजुराहो एक छोटा सा शहर है, लेकिन यहां कई दर्शनीय मंदिर स्थल हैं।
'पार्श्वनाथ मंदिर' मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध जैन पर्यटन स्थलों में से एक है। यह मंदिर खजुराहो में बने जैन मंदिरों की श्रेणी में सबसे ऊपर है।

3. रणकपुर मंदिर, राजस्थान
अलंकृत रणकपुर मंदिर अरावली श्रृंखला में 14वीं और 15वीं सदी में बनाया गया था। यह तीन मंज़िला मंदिर 1,444 खूबसूरती से बने संगमरमर के स्तंभों पर खड़ा है। यहां की गई सभी नक्काशी बहुत सुंदर और अद्वितीय है, खास तौर पर एक संगमरमर की चट्टान पर बनी 108 फनों और पूंछों वाले सांप की मूर्ति। भक्ति और कारीगरी का बेजोड़ नमूना माना जाता है यह मंदिर...

4. पलिताना मंदिर, गुजरात
यह मंदिर गुजरात के भावनगर डिस्ट्रिक्ट के शत्रुंजय पर्वत में स्थित है। सबसे पवित्र जैन परिसरों में से एक माने जाने वाले, पलिताना में 3,000 से भी अधिक मंदिर हैं जो बहुत खूबसूरती से तराशे गए हैं। 11वीं सदी से बनने शुरू हुए इस मंदिर को पूर्ण होने में कई पीढ़ियां लगीं, और जैन धर्म में यह एक प्रतिष्ठित तीर्थ स्थल है। इस मंदिर में 3,800 से भी अधिक सीढ़ियां हैं, जिनको चढ़ना कठिन है, लेकिन इनकी वजह से यहां हर साल आने वाले हज़ारों श्रद्धालुयों की संख्या में कोई कमी नहीं आती।

5. गोमतेश्वर मंदिर: कर्नाटक
कर्नाटक के श्रवणबेलगोड़ा शहर में स्थित, इस मंदिर में सर्वप्रथम तीर्थांकर श्री गोमतेश्वर की 18 मीटर लंबी काली ग्रेनाइट पत्थर से बनी मूर्ति है। हर 12 साल, तीर्थयात्री यहां एक मुख्य जैन पर्व, महामस्तकाभिषेक, के लिए आते हैं, जहां इस मूर्ति का अभिषेक दूध, केसर, हल्दी, चंदन और सिंदूर से किया जाता है।