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यात्री बसों से किराया सूची गायब, किराया पूरा, लेकिन नहीं मिल रही बैठने सीट

बस स्टैंड द्वार पर खड़े ऑटो

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बस स्टैंड द्वार पर खड़े ऑटो

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सालों से परिवहन विभाग ने नहीं की यात्री बसों की जांच, ऑटो चालक दो किमी के वसूल रहे १५ से २० रुपए

टीकमगढ़. नया बस स्टैंड पर यात्री बस संचालकों की मनमानी रूकने का नाम नहीं ले रही है। आरक्षित सीटों और यात्रियों की सुविधाओं को धता दिखाया जा रहा है। किराया सूची से अधिक किराया वसूला जा रहा है। जिसको लेकर बस कंडेक्टर और यात्रियों में बहस छिडी देखी गई। इसके साथ ही बस में यात्रियों के सामान की सुरक्षा को लेकर भी लापरवाही देखी जा रही है।
पत्रिका की टीम ने मंगलवार की सुबह ११:०५ बजे से सुबह ११:४५ बजे तक जिला अस्पताल चौराहा, आंबेडकर तिराहा और नया बस स्टैड पर यात्री बस और यात्रियों की स्थितियों को देखा। कंडेक्टर और यात्रियों से चर्चा की। जिसमें सबसे अधिक लावरवाही बस संचालक की दिखाई दी। कोई पूरा किराया तो कोई उससे अधिक किराया वसूलकर भी यात्रियों को सुविधा नहीं दे पा रहा है। यहां तक आरक्षित सीट बुक करके सामान्य लोगों को दी जा रही है। जिसको लेकर कई बस संचालकों से यात्रियों की बहस छिड़ती देखी गई है। यात्रियों का कहना था कि जिले में परिवहन विभाग द्वारा वषों से बसों की जांच नहीं की गई है। जिसके कारण मनमानियां बढ़ गई है। जिसके कारण यात्रियों को सुविधाओं से वंचित किया जा रहा है।

यह रही स्थिति
पत्रिका की टीम सुबह ११:०५ बजे जिला अस्पताल पहुंची। जहां पर यादव बस स्टैं झांसी की ओर जा रही थी। उसमें यात्री को भरा जा रहा था। बस खाली थी, लेकिन किराया अधिक वसूला जा रहा था। सुबह ११:०९ बजे आंबेडकर चौक पर नया बस स्टैंड से ओरछा बस सवारियों को लेकर आ रही थी। उसके हाल भी यही थे। सुबह ११:२० बजे बस स्टैंड से बस जा रही थी। जिसमें यात्रियों की भीड़ भाड़ दिखाई दे रही थी। जिसमें सीट की जगह यात्री खड़े होकर जा रहे थे।

यात्रियों ने बताई व्यथा
खरगापुर से सागर जाने वाले महेंद्र कुमार कुशवाहा ने बताया कि खरगापुर से टीकमगढ़ बस स्टैंड आया हूं। बैठने के लिए सीट नहीं दी, लेकिन किराया पूरा ले लिया। राजेश यादव ने बताया कि टीकमगढ़ बस स्टैंड से झांसी जाना है, किराया तो बता रहे है, लेकिन सीट नहीं दे रहे है। दिव्यांग रमेश यादव ने बताया कि मुझे टीकमगढ़ से छतरपुर जाना है, दो बसें निकल गई है, उसमें आरक्षित सीटें नहीं है। तीसरी बस कुछ ही देर में जाएगी। उसमें बैठकर जाउंगा। उसमें भी आरक्षित सीट नहीं है।

किसी भी बस में नहीं मिली किराया सूची
पत्रिका की टीम ने सुबह ११:०५ बजे से ११:४५ बजे तक ४० मिनट बस स्टैंड की बसों में यात्रियों की सुविधाओं का जायजा लिया। जिनकी स्थिति नियमों के उलट दिखाई दी। किसी भी बस में किराया सूची नहीं थी। किराए की पर्ची भी नहीं दी जा रही थी। टूल बॉक्स गायब और चालक और परिचालक ड्रेस में नहीं थे। बसें भी अनफिट दिखाई दे रही थी। कई बसों की बॉडी खराब दिखाई दे रही थी, मरम्मत के लिए लगाया गया सोल्डर कलर अलग दिखाई दे रहा था। उनके टायर कमजोर और गेट रसियों से बंधे थे।

ऑटो चालक भी वसूल रहे अधिक किराया
रक्षाबंधन त्योहार को लेकर बहने वापस अपने घर जा रही है, लेकिन बस और ऑटो चालकों द्वारा किराया से अधिक वसूली की जा रही है। बस स्टैंड से कलेक्ट्रेट तक २० रुपए से अधिक, बस स्टैंड से आंबेडकर, जिला अस्पताल तक १० रुपए और राजमहल, बाजार तक २० रुपए किराया लिया जा रहा है। जबकि बस स्टैंड से आंबेडकर की दूरी दो किमी है। बस स्टैंड से कलेक्ट्रेट की दूरी पांच किमी से ज्यादा नहीं है।
इनका कहना
इन मामलों को जल्द ही देखा जाएगा। जिससे यात्रियों को सुविधाएं मिल सके। संबंधित विभाग को जानकारी भी दी जाएगी। जिससे यात्रियों को नुकसान का सामना नहीं करना पड़े।
कैलाश कुमार पटेल, यातायात प्रभारी टीकमगढ़।

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