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वनों की होने लगी कटाई, नहीं रोक पा रहा वन अमला

जतारा और टीकमगढ़ के वनों की कटाई अधाधुंध की जा रही है। बेशकीमती और कई प्रजाति के लाखों पेड़ पौधों को काट दिया गया है।
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 In the greed of pattas, tribals will come to clean the forests

In the greed of pattas, tribals will come to clean the forests

टीकमगढ़.मोहनगढ़, जतारा और टीकमगढ़ के वनों की कटाई अधाधुंध की जा रही है। बेशकीमती और कई प्रजाति के लाखों पेड़ पौधों को काट दिया गया है। यह कटाई आदिवासियों को मिलने वालें पट्टे की लालच में की जा रही है। लेकिन वन विभाग में अभी ऐसी कोई भी स्क्रीम नहीं है। जिसमें वनों कटाई की जाए। हालांकि वन विभाग के कर्मचारियों द्वारा कार्रवाई भी की गई है।
मोहनगढ़ क्षेत्र के वनगांय, बिजरावन, जतारा के लार और टीकमगढ़ के भडऱा जंगलों की कटाई जोर छोर से की जा रही है। वहां ग्रामीण लोग कटे पेड़ों को उठा ले गए है। कई लोगों ने खेतों की बाड़ के लिए सामग्री रख ली है तो कई ने जलाने के लिए सुरक्षित कर लिया है। इसके बाद भी वन विभाग का कोई भी जिम्मेदार अधिकारी कटाई वाले क्षेत्र में नहीं पहृुंचा है। विभाग के कर्मचारियों ने बताया कि अभी जंगलों की छटाई के लिए कोई नियम भी नहीं आए है। लेकिन यह कैसे और किन नियमों में कटाई कर रहे है। यह तो बरिष्ट अधिकारी ही बता पाएगें।
५ दिनों तक चली कटाई
भडरानिवासी दशरथ पाल, धनीराम पांडे, राजेंद्र पटेरिया, दयाराम मिश्रा, कमल पाल, जगदीश आदिवासी, रामकिशन आदिवासी, रमेश आदिवासी, हरनारायण आदिवासी, कमल राय, हरि बल्लभ रावत, संतोष पांडे, कमल कांत पटेरिया ने बताया कि जंगलों में खड़े पेड़ों की कटाई अधाधुंध की जा रही है। यहां हजारों की संख्या में कई प्रजाति के हरे भरे पेड़ काटे जा चुके हैं। जो जंगल में ही पड़े हुए हैं। बीते 5 दिन से कटाई चल रही है। जहां न तो वन विभाग का कोई कर्मचारी जा रहा है और न ही कटाई को रोकने की कोई पहल की जा रही है।


रेंज में दिखाई नहीं दे रहे वन कर्मचारी
मोहनगढ़ के वनगांय, बिजरावन के साथ जतारा के लार और टीकमगढ़ के भडऱा में तैनात वन कर्मचारी भी कटाई के समय दिखाई नहीं दे रहे है। इसके साथ ही वनों की कटाई रोकने का प्रयास भी नहीं किया जा रहा है। जिसके कारण लाखों की संख्या में पेड़ों को काट दिया गया है। अगर समय रहते वन विभाग द्वारा कटाई को नहीं रोका गया तो जल्द ही जिले के वनों का सफाया हो जाएगा।
काट दिए गए लाखों पेड़ पौधें
मोहनगढ़ के साथ जतारा और टीकमगढ़ के जंगलों की अवैध कटाई की जा रही है। इन वनों में कई प्रकार के पेड़ पौधे उग रहे है। इसके साथ ही कई प्रकार के पेड़ पौधे लगाए बगैर ही बड़े हो गए है। उन पौधों से जंगल सघन लगने लगा है। लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों द्वारा वनों की कटाई तेज गति से की जा रही है। हरियाली देने वाले पौधों को भी काट दिया गया है।
इनका कहना
ग्रामीण क्षेत्रों के अनपढ़ लोगों को गांव के पढ़े लिखे लोगों द्वारा उकसाया जा रहा है। इसके बाद उन्हें वनों की कटाई के लिए छोड़ा जा रहा है। जो गंभीर समस्या है। इस समस्या को रोकने के लिए उकसाने वाले लोगों को खोजा रहा है। हालांकि कई लोगों पर कार्रवाई भी की गई है।
एपी सिंह तोमर डीएफओ टीकमगढ़।
यह गंभीर मामला है। आदिवासियों द्वारा वनों को साफ किया जा रहा है। कटाई को रोकने प्रयास भी किया गया है। लेकिन उनके द्वारा लगातार कटाई की जा रही है। वन अधिनियम के तहत १२० लोगों पर कार्रवाई की गई है।
राजेंद्र पस्तौर वनरेंजर टीकमगढ़।

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