
The electricity bill of the district reached 70 million due to non-submission of electricity bill
टीकमगढ़.विधानसभा चुनाव के पहले और चुनाव के बाद दो योजनाओं के तहत उपभोक्ताओं द्वारा बिजली बिलों को जमा किया गया था। मार्च से कोरोना काल शुरू हो गया था। जिसके कारण उपभोक्ता उलझन में पड़ा है। उसी के चलते लोगों द्वारा बिजली बिल जमा नहीं किए गए। इसके साथ ही बिजली कम्पनी के कर्मचारियों द्वारा बिल वसूली पर भी ध्यान नहीं दिया गया। जहां पुराना और नए बिजली बिलों का आंकड़ा ८० करोड़ पहुंच गया है। अब बिल वसूली में विभाग को पसीना आ रहा है। कही उपभोक्ताओं के कनेक्शन काटे जा रहे है जो कही आधार लिंक कराने के नाम सब्सिडी देने क ा लालच दिया जा रहा है।
वर्ष २०१८ में विधानसभा चुनाव के पहले गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले पंजीकृत श्रमिको का बिजली माफ किया गया था। इसके बाद २०० रुपए प्रतिमाह के हिसाब से बिजली बिलों को दिया जाने लगा। कांग्रेस सरकार आते ही प्रतिमाह १०० रुपए बिजली आने लगा। जो आज तक पात्र उपभोक्ताओं के बिल आ रहे है। लेकिन उनके द्वारा वह १०० रुपए बिजल भी जमा नहीं किए गए। वहीं कोरोना काल मार्च से शुरू हो गया था। गरीब, मजदूर और व्यापारी घरों में कैद हो गए थे। कोई भी व्यक्ति निजी और सरकारी नौकरी पर नहीं जा रहा था। जिसके कारण उपभोक्ता बिजली बिलों को जमा करने की उलझन में फ सा है। वहीं बिलों की राशि जमा भी नहीं कर पा रहे है। जिसके कारण बिजली कम्पनी ने वसूली अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत शिविर और कैम्प लगाए जा रहे है। इसके बाद भी वसूली नहीं हो पा रही है।
जिले में बनाई गई वसूली के लिए ३५ टीमें
बिजली कम्पनी के डीई ने बताया कि जिले की ४५९ ग्राम पंचायतों की बिजली वसूली के लिए ३५ टीमों को नियुक्त किया गया है। उनके द्वारा गांव-गांव और सबस्टेशनों पर बिजली वसूली के लिए शिविर आयोजित किए जा रहे है। जिसमें उपभोक्ताओं को बिजली जमा करने के साथ आधार लिंक कराने के लिए जागरूक किया जा रहा है। इसके साथ ही उन्हें सब्सिडी देने की बात की जा रही है।
यह बिलों की स्थिति
जिले में १ लाख ३५ हजार के करीब उपभोक्ता है। जिनका प्रतिमाह बिल ११ करोड़ से अधिक आता है। जिसमें ६५ फीसदी से अधिक राशि वसूल हो पाती है। हाल ही में जिले के उपभोक्ताओं की बिलों की बकाया राशि ८० करोड़ से अधिक है। जिसमें ३० फीसदी से अधिक लाइन लॉस है।
इन विभागों पर करोड़ों की राशि बकाया
दूसरों को शिक्षा देने वाला शिक्षा विभाग को १ करोड़ ५३ लाख ६५ हजार रुपए ,न्याय देने वाला पुलिस विभाग १ करोड़ २० लाख रुपए, ग्राम पंचायतों में विकास कराने वाला विभाग ग्राम पंचायत ४ करोड़ ४८ लाख रुपए,नगरपालिका और नगर परिषद १ करोड़ २६ लाख, पीएचई ५४ लाख १३ हजार रुपए, स्वास्थ्य विभाग ६५ लाख ८१ हजार रुपए, पीडब्ल्यूडी विभाग १२ लाख ९९ हजार रुपए, वन विभाग ८ लाख ६७ हजार रुपए के साथ अन्य विभागों में ११ करोड़ ४९ लाख रुपए बकाया है।
कोरोना के कारण 4५ प्रतिशत बढ़ी बकाया राशि
कोरोना वायरस बढऩे के कारण किसानों से बिजली बिलों की वसूली नहीं हो पाई है। जिसके कारण जिले में 4५ प्रतिशत बिलों की राशि की बढोत्तरी हो गई। जिसके कारण विभाग में वसूली नहीं होने से कर्मचारियों की कमी बताई जा रही है। विभाग के अधिकारियों का कहना है वसूली के लिए ३५ टीमों को बनाया गया है।
स्टाफ की कमी भी बनी समस्या
बिजली विभाग में बढ़ते उपभोक्ता और घटते कर्मचारियों के कारण वसूली नहीं हो पा रही है। जिसके कारण जिले के उपभोक्ताओं पर विद्युत कम्पनी का करोड़ों रूपए बकाया पड़ा हुआ है। वसूली नहीं होने से विभाग की चिंता दिनों दिन बढ़ती जा रही है।
फैक्ट फाइल
जिले में कुल उपभोक्ता - १ लाख ३५ हजार
जिले के कुल उपभोक्ताओं का बकाया - 80 करोड़
एक महीने में आने वाला बिजली बिल - ११ करोड़
सरकारी कार्यालयों में का बिजली बिल बकाया - ११ करोड़ ४९ लाख
इनका कहना
कोरोना काल के कारण वसूली में देरी हुई है। जिले में ८० करोड़ का बिल बकाया है। वसूली के लिए ३५ टीमों को नियुक्त किया गया है। जिनका ज्यादा बकाया है वह बिल जमा नहीं कर रहे, उनका कनेक्शन काटा जा रहा है। इसके साथ ही उपभोक्ताओं की उलझनों को भी समाप्त किया जा रहा है।
अमित सिंह डीई बिजली कम्पनी टीकमगढ़।
Published on:
30 Jul 2020 05:00 am
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