
karunanidhi death: m karunanidhi cinema life story
5 बार मुख्यमंत्री, 13 बार विधायक और 61 साल तक देश की सियासत पर राज करने वाले दक्षिण भारत के दिग्गज नेता एम करुणानिधि ने आज आखिरी सांस ली। करुणानिधि लंबे समय से बीमार चल रहे थे। मंगलवार शाम करीब 6.15 मिनट पर उनका निधन हो गया। मुथुवेल करुणानिधि का जन्म साल 1924 में थंजावुर (अब नागापट्टीनम) में हुआ था और 3 जून को उन्होंने अपने जीवन के 94 साल पूरे किए थे। क्या आप जानते हैं करुणानिधि भी फिल्मों से जुड़े हुए व्यक्ति हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत फिल्मों से की थी। उन्होंने इस सिनेमा इंडस्ट्री को ऐसी फिल्में दी जो तमिल फिल्म इंडस्ट्री के लिए टर्निंग प्वाइंट साबित हुईं। यही कारण है कि लोग उन्हें करुणानिधि के अलावा 'कलाईनार' नाम से भी जानचे हैं। 'कलाईनार' मतलब है कल का विद्वान।
गौरतलब है कि करुणानिधि ने अपने कॅरियर की शुरुआत बतौर स्क्रीन राइटर की थी। उनकी पहली फिल्म 'राजकुमारी' थी जो 1947 में रिलीज हुई थी। इसके अलावा कॉलेज लाइफ के दौरान ही उन्हें ऐतिहासिक और सामाजिक कहानियां लिखने के लिए भी जाना जाता था। आपको जानकर हैरानी होगी कि करुणानिधि थियेटर भी करते थे। साल 1949 में मॉर्डन थियेटर के टी आर सुंदरम ने करुणानिधि को फिल्म 'मंदिरी कुमारी' (1950) के स्क्रीप्ट राइटर की जिम्मेदारी दी और ये फिल्म ब्लॉकबस्टर साबित हुई। करुणानिधि ने करीब 75 फिल्मों की स्क्रिप्ट लिखी
करुणानिधि की फिल्म 'पराशक्ति' (1952) को उन दिनों काफी सराहा गया था। फिल्म तमिल इंडस्ट्री के लिए बहुत महत्वपूर्ण साबित हुई। इस वजह से दो एक्टर्स शिवाजी गणेशन और एस. एस राजेंद्रन को खूब प्रसिद्धि मिली। लेकिन जहा फिल्म को पसंद किया गया वहीं कुछ कारणों के चलते इसपर विवाद भी हुए। बताया जाता है कि इसका कारण बाह्मणवाद था जिसकीआलोचना की गई थी। बात इतनी बड़ गई कि इस फिल्म को बैन कर दिया गया लेकिन बाद में इसके बाद यह रिलीज हुई और बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट साबित हुई।
Published on:
8 Aug 2018, 9:39 AM IST
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