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सिल्वर स्क्रीन से लेकर ‘जननायक’ तक, थलापति विजय ने फिल्मी कहानी को ऐसे बनाया हकीकत

Thalapathy Vijay 52nd Birthday: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और पूर्व एक्टर थलापति विजय रविवार को 52 साल के हो गए। 2026 के विधानसभा चुनावों में 'तमिलगा वेट्री कझगम' (TVK) को जीत दिलाने और मुख्यमंत्री का पद संभालने के बाद यह उनका पहला जन्मदिन है। लेकिन एक एक्टर से पॉलिटिशियन बनने तक का उनका ये सफर कैसा रहा आइए जानते हैं?

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मुंबई

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Rashi Sharma

Jun 22, 2026

Thalapathy Vijay Birthday

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजयआज अपना 52वां जन्मदिन मना रहे हैं। (फोटो सोर्स: @CMOTamilnadu)

Thalapathy Vijay Political Journey From Actor To Leader: तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री (Tamil Nadu CM Vijay) सी. जोसेफ विजय चंद्रशेखर उर्फ थलापति विजय ने राजनीति में आने से पहले तीन दशकों से ज्यादा समय तक तमिल सिनेमा में अपने अभिनय का दम दिखाया और अपना फैन बेस बनाया। आज सीएम विजय अपना 52वां जन्मदिन मना रहे हैं। 2026 के विधानसभा चुनावों में 'तमिलगा वेट्री कझगम' (TVK) को जीत दिलाने और मुख्यमंत्री का पद संभालने के बाद यह उनका पहला जन्मदिन है। आइए जानते हैं सी.जोसेफ विजय चंद्रशेखर से थलापति विजय और फिर राज्य के मुख्यमंत्री बनने तक के उनसे सफर के बारे में।

500 रुपये में किया था पहला रोल

विजय का जन्म फ़िल्ममेकर एस.ए. चंद्रशेखर और प्लेबैक सिंगर शोभा चंद्रशेखर के घर हुआ था। साल 1984 में, जब विजय सिर्फ 10 साल के थे तब उन्होंने अपने पिता की ब्लैक एंड व्हाइट ड्रामा फिल्म 'वेट्री' में एक छोटी सी भूमिका निभाई थी, जिसके लिए उनको 500 रुपये मिले थे। और आज 42 साल बाद बयालीस साल बाद, वही छोटा सा लड़का तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के तौर पर काम कर रहा है।

वेट्री के बाद किया कई फिल्मों में काम

'वेट्री' के बाद, सी. जोसेफ विजय ने उस दशक में अपने पिता के निर्देशन में बनी कुछ और फिल्मों में काम किया, जिनमें 'कुडुंबम', 'नान सिगप्पू मनिथन', 'वसंथा रागम', 'सत्तम ओरु विलायाट्टू' और 'इथु एंगाल नीति' जैसी फिल्में शामिल थीं। विजय के एक्टिंग करियर की ये एक छोटी और साधारण शुरुआत थी, जबकि उनके पिता एक्शन ड्रामा के लिए मशहूर कमर्शियल फिल्ममेकर के तौर पर अपना करियर बना रहे थे।

थलापति विजय का पहला लीड रोल

बता दें कि साल 1992 में विजय ने अपने पिता के निर्देशन में बनी फिल्म 'नालैया थीरपु' में अपना पहला लीड रोल निभाया था। हालांकि, फिल्म को दर्शकों का अच्छा रिस्पॉन्स नहीं मिला था और विजय को लुक और एक्टिंग के लिए आलोचनाओं का भी सामना करना पड़ा। लेकिन तब किसी ने नहीं सोचा होगा कि वो आगे चलकर इंडस्ट्री के सबसे बड़े सुपरस्टार्स में से एक बनकर सामने आएगा। इस फिल्म के फ्लॉप होने के बाद उनके पिता ने अगले साल 'सेंथूरपांडी' में उन्हें जाने-माने स्टार विजयकांत के साथ कास्ट किया और ये फिल्म हिट साबित हुई और विजय को दर्शकों के बीच पहचान मिली। लेकिन उनके करियर ने यू-टर्न तब लिया जब 1994 में 'रसिगन' फिल्म के सुपर-डुपर हिट होने के बाद फैंस उन्हें 'इलया थलपति' (यानी युवा कमांडर) कहने लगे। बता दें कि ये टाइटल उनके पूरे करियर में अलग-अलग रूपों में उनके साथ रहा।

90 के दशक में रोमांटिक हीरो के रूप में बनाई पहचान

1990 के दशक में विजय ने एक रोमांटिक हीरो के तौर पर अपनी पहचान बनाई। 'पूवे उनाक्कागा', 'काधलुक्कु मरियाधाई', 'थुल्लाथा मनमम थुल्लुम' और 'खुशी' जैसी फिल्मों को दर्शकों ने खूब पसंद किया और विजय युवाओं के बीच लोकप्रिय हो गए। 2000 के दशक की शुरुआत में उनकी छवि बदलने लगी। साल 2003 में आई फिल्म 'थिरुमलाई' ने उन्हें एक्शन हीरो के रूप में पेश किया। इसके बाद 2004 में आई 'घिल्ली' उनके करियर का बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुई। यह फिल्म तेलुगु फिल्म 'ओक्काडु' की रीमेक थी और इसने विजय को सिर्फ एक अभिनेता नहीं, बल्कि बड़े पैमाने पर दर्शकों को आकर्षित करने वाले स्टार के रूप में स्थापित कर दिया। 2007 में आई 'पोक्किरी' ने उनके स्टारडम को और मजबूत किया। इस फिल्म के बाद विजय तमिल सिनेमा के बड़े सितारों में शामिल हो गए, जहां उनकी तुलना अजित कुमार और रजनीकांत जैसे दिग्गज कलाकारों से होने लगी।

जब बॉक्स ऑफिस पर विजय ने जमाया कब्जा

2010 के दशक से विजय की फिल्मों का दायरा और बॉक्स ऑफिस पर उनकी सफलता पर लोगों की नजरें रहने लगीं। 'थुप्पाक्की', 'कथी', 'थेरी', 'मर्सल', 'सरकार', 'बिगिल', 'मास्टर' और 'लियो' जैसी फिल्में अपने-अपने साल में सबसे ज्यादा कमाई करने वाली तमिल फिल्मों में शामिल रहीं। फिल्मी करियर के साथ-साथ उन्होंने एक बड़ा और संगठित फैन बेस भी बनाया। 2009 में उन्होंने इसे 'विजय मक्कल इयक्कम' नाम के एक वेलफेयर ऑर्गनाइजेशन का रूप दिया।

फिर हुई थलापति विजय की राजनीति में एंट्री

जानकारी के लिए बता दें कि ऑफिशियली पॉलिटिक्स में उनकी एंट्री 2 फरवरी 2024 को पड़ा, जब विजय ने 'तमिलगा वेट्री कझगम' (TVK) पार्टी बनाने की घोषणा की। उन्होंने बताया कि पार्टी 2026 का तमिलनाडु विधानसभा चुनाव लड़ेगी। उन्होंने अपने फैन क्लब नेटवर्क, जिसकी राज्य भर में हजारों यूनिट्स थीं, को नई पार्टी के संगठनात्मक आधार में बदल दिया। लीड एक्टर के तौर पर उनकी आखिरी फिल्म 'जना नायकन' को उनके फिल्मी सफर की खास विदाई के रूप में देखा गया था। लेकिन फिल्म के कंटेंट को लेकर सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) के साथ विवाद के कारण इसकी रिलीज में देरी हो गई।

तमिलनाडु में विजय की पार्टी TVK की धमाकेदार जीत

23 अप्रैल 2026 को हुए तमिलनाडु असेम्बली चुनाव में राज्य के इतिहास में सबसे ज्यादा वोटिंग हुई। और 4 मई को TVK सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। बता दें कि विजय की पार्टी ने अपने पहले ही चुनाव में 234 में से 108 सीटों पर जीत हासिल कर इतिहास रच दिया। विजय ने चेन्नई में पेराम्बुर और तिरुचिरापल्ली ईस्ट सीटों से चुनाव लड़ा था और उन्होंने दोनों सीटों पर जीत हासिल की। हालांकि, TVK बहुमत से दस सीटें पीछे रह गई और कई दिनों तक बातचीत के बाद इंडियन नेशनल कांग्रेस ने DMK के साथ अपना गठबंधन तोड़कर TVK के नेतृत्व वाली सरकार को समर्थन दिया। 10 मई को विजय ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली और तीन दिन बाद उनकी सरकार ने विधानसभा में फ्लोर टेस्ट पास कर लिया।

दिए गए X पोस्ट का इंग्लिश अनुवाद नीचे दिया है…

MGR) और जयललिता जैसे राजनेताओं से हुई तुलना

जानकरी के लिए बता दें कि विजय की पार्टी को मिली ऐतिहासिक जीत के बाद विजय की तुलना अक्सर MGR और जे. जयललिता जैसे नेताओं से की जाती है। इन दोनों ही राजनेताओं ने फिल्मों में अपना अहम योगदान देने के बाद राजनीति में कदम रखा था और सफलता हासिल की थी। विजय की इस जीत के कारणों में उनकी बड़ी फैन फॉलोइंग और युवाओं को ध्यान में रखकर चलाया गया डिजिटल कैंपेन शामिल हैं।

देख जाए तो कारण कोई भी हो, लेकन 500 रुपये से एक्टिंग करियर की शुरुआत से लेकर मुख्यमंत्री पद के दावेदार तक विजय का सफर बेहद खास और असाधारण माना जा रहा है।