7 नवंबर 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

दिव्यांगों की सेवा के लिए रहें तत्पर

टोंक. जिलेभर में शनिवार को दिव्यांग दिवस मनाया गया। इसके तहत निकाली गई रैली को एसडीओ डॉ. सूरजसिंह नेगी ने कलक्ट्रेट से रवाना किया। यह राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय सिटी नम्बर 2 में दिव्यांग दिवस मनाया गया।
less than 1 minute read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

जोधपुर

•

image

Pawan Kumar Sharma

•

Updated: 4 Dec 2016, 1:36 PM IST

tonk

टोंक में रैली को रवाना करते उपखण्ड अधिकारी डॉ. सूरजसिंह नेगी।

टोंक. जिलेभर में शनिवार को दिव्यांग दिवस मनाया गया। इसके तहत निकाली गई रैली को एसडीओ डॉ. सूरजसिंह नेगी ने कलक्ट्रेट से रवाना किया।

यह राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय सिटी नम्बर 2 में दिव्यांग दिवस मनाया गया। इसमें मुख्य अतिथि सांसद सुखबीरसिंह जौनापुरिया थे।

यहां सांसद ने दिव्यांग बच्चों एवं लोगों को सहायक उपकरण, पुरस्कार एवं फल वितरित किए।

सांसद ने कहा कि हमे दिव्यांगों की सेवा के लिए तत्पर रहना चाहिए। इधर, मानव धर्म मुक बधिर एवं नेत्रहीन विशेष विद्यालय में मनाए गए दिव्यांग दिवस समारोह में मुख्य अतिथि भाजयुमो के जिलाध्यक्ष चन्द्रवीरसिंह चौहान थे।

उन्होंने कहा कि दिव्यांगों की अक्षमता में ध्यान न देकर हमे उनकी योग्यता पर ध्यान देना चाहिए।

ताकि उनकी क्षमता में निखार आए। इस दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए।इस दौरान प्राचार्यशम्भुदयाल शर्मा, राघव सिंह, कुलदीप राजोरा, रामलाल मीणा आदि मौजूद थे।

समाज में सम्मान की आवश्यकता

मालपुरा ञ्च पत्रिका. अन्तरराष्ट्रीय विकलांग दिवस पर बस स्टैण्ड स्थित बैरवा धर्मशाला में शनिवार को विशेष योग्यजन सेवा समिति की ओर से दिव्यांगों का सम्मान किया गया।

समारोह में समिति के जिला सचिव भंवरलाल नरूका ने कहा कि विश्व में लगभग 15 प्रतिशत लोग दिव्यांग हैं।

उनको भी समाज में सम्मान मिलने की आवश्यकता है। इससे वे मुख्य धारा में जुड़कर समाज के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकेंगे।

दिव्यांगों को परिवार पर बोझ बनने केे स्थान पर शिक्षित होकर आत्मनिर्भर बनने का प्रयास करना चाहिए।

पीरू सिंह, मुकेशकुमार खटीक, भंवरलाल सैन ने भी विचार व्यक्त किए। नौ दिव्यांगो के उच्च शिक्षा ग्रहण करने पर समिति की ओर से सहायता राशि देकर सम्मानित किया गया।