
सीएम अशोक गहलोत आज निवाई में सभा को करेंगे सम्बोधित, लोगों को है घोषणाओं की उम्मीद
टोंक/निवाई. राज्य सरकार की ओर से आयोजित ब्लॉक स्तरीय ग्रामीण ओलंपिक का जायजा लेने के लिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत मंगलवार को निवाई आएंगे। मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर की जा रही तैयारियों का विधायक प्रशांत बैरवा ने सोमवार दोपहर को कांग्रेस पदाधिकारियों के साथ सभा स्थल और हेलीपेड का निरीक्षण किया। विधायक ने प्रशासनिक व पुलिस के अधिकारियों से मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को लेकर विस्तार से चर्चा की। दूसरी तरफ मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर जिले के लोगों को कई घोषणाओं की भी उम्मीद है। पिछले साल 17 नवम्बर को उनियारा के बोसरिया में आए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कई घोषणाएं की थी।
ऐसे में इस बार भी उम्मीद है। इधर, निवाई विधायक प्रशांत बैरवा ने पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता वेदप्रकाश उपाध्याय, तहसीलदार प्राजंल कंवर, पुलिस उपाधीक्षक रूद्रप्रकाश शर्मा, थानाधिकारी जय कुमार से तैयारियों के बारे में जानकारी लेकर मौके का निरीक्षण किया। कांग्रेस शहर अध्यक्ष महावीर प्रसाद पराणा ने बताया कि इसके बाद विधायक प्रशांत बैरवा के आवास पर कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की बैठक आयोजित की गई। इसमें विधायक प्रशांत बैरवा के नेतृत्व में कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं द्वारा मुख्यमंत्री के निवाई आगमन पर जोरदार स्वागत करने की तैयारी की रूपरेखा बनाई गई। सोमवार को विभिन्न प्रशासनिक अधिकारियों ने मुख्यमंत्री के आगमन के लिए की जा रही तैयारियां का बारीकी से निरीक्षण किया गया।
सीएम दे ध्यान तो विकास को मिले गति
निवाई आ रहे मुख्यमंत्री अशोक गहलोत जिले पर ध्यान दे और घोषणा करें तो यहां विकास को गति मिले। जिला मुख्यालय का प्रमुख मुद्दा रेल से जोडऩा है। यह कई सालों से चला आ रहा है। इसमें केन्द्र और राज्य के बीच तालमेल नहीं होने पर यह मुद्दा अटका हुआ है। जबकि जिला मुख्यालय पर उद्योग विकसित नहीं होने का बड़ा कारण परिवहन है। इसे रेल से जोड़ दिए जाए तो जहां बेरोजगारों को रोजगार का अवसर मिले। वहीं परिवहन के लिए उद्योगपतियों को आसानी हो जाए। इसके अलावा यूसुफपुरा चराई में बना यूनानी मेडिकल कॉलेज संविदा के भरोसे संचालित है। जबकि इसमें स्थायी नियुक्तियों की जरूरत है। इसके अलावा बीसलपुर कंजर्वेशन रिजर्व पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। हालांकि गत बजट में इस ओर ध्यान दिया गया, लेकिन अभी इसे मूर्त रूप मिलने और अन्य बजट की आवश्यकता है। विश्व भर में टोंक की पहचान बनाने वाले मौलाना अबुल कलाम आजाद अरबी फारसी शोध संस्थान पर भी देना जरूरी है। पहले इसमें 55 पद हुआ करते थे जो अब 20 से भी कम रह गए हैं। इस संस्थान में करीब 50 देशों के शोधार्थी अरबी और फारसी पर शोध करने आते हैं। वहीं पर्यटन को लेकर जिले की खास पहचान नहीं है। जबकि जिले में अपार सम्म्भावनाएं हैं, लेकिन पर्यटक यहां तक नहीं पहुंचते हैं। जबकि टोंक में सुनहरी कोठी, हाथी भाटा, बीसलपुर बांध और टोडारायङ्क्षसह की बावडिय़ां शामिल है।
बोसरिया में की थी कई घोषणा
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत 17 नवम्बर 2021 को उनियारा उपखण्ड के बोसरिया ग्राम पंचायत में आयोजित प्रशासन गांवों के संग अभियान शिविर में आए थे। तब उन्होंने नगरफोर्ट प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र को सामूदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, बनेठा, नगरफोर्ट और आवां के राजकीय बालिका माध्यमिक विद्यालय को सीनियर सैकंडरी स्कूल में क्रमोन्नत करने की घोषणा की। उनियारा उपखण्ड में दो महीने बाद बजट में कन्या महाविद्यालय देने को कहा था। हालांकि पिछले बजट में जिले के लिए बहुत कुछ मिला है, लेकिन अभी भी काफी उम्मीद है।
Published on:
13 Sept 2022 09:19 am
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