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पत्रिका की खबर के बाद गरीब के आशियाने में हुआ उजाला, डेढ़ माह से भटक रहा था पीडित उपभोक्ता

घरेलू बिजली कनेक्शन के लिए डेढ़ माह से निगम कार्यालय में चक्कर काट रहे गरीब के घर में आखिर उजाला हो गया है। पीडि़त की समस्या को लेकर राजस्थान पत्रिका के 30 सितंबर के अंक में कनेक्शन की मांग शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया गया था।  
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टोंक

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Pawan Kumar Sharma

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Updated: 2 Oct 2022, 1:43 PM IST

पत्रिका की खबर के बाद गरीब के आशियाने में हुआ उजाला, डेढ़ माह से भटक रहा था पीडित उपभोक्ता

पत्रिका की खबर के बाद गरीब के आशियाने में हुआ उजाला, डेढ़ माह से भटक रहा था पीडित उपभोक्ता

पीपलू. घरेलू बिजली कनेक्शन के लिए डेढ़ माह से निगम कार्यालय में चक्कर काट रहे गरीब के घर में आखिर उजाला हो गया है। पीडि़त की समस्या को लेकर राजस्थान पत्रिका के 30 सितंबर के अंक में कनेक्शन की मांग शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया गया था। इसके बाद बिजली निगम अधिकारी हरकत में आए। निगम ने शुक्रवार देर शाम तक बिजली के पोल लगाते हुए पीडि़त के घर मीटर लगाकर बल्ब जलाकर उसके घर को रोशन कर दिया हैं।

उल्लेखनीय हैं कि पीडि़त जगदीश गुर्जर ने उपखंड अधिकारी रवि वर्मा से गुहार लगाई थी कि संदेड़ा रोड़ स्थित पानी के टंकी के पास उसका मकान है। जयपुर विद्युत वितरण निगम लि. कार्यालय पीपलू में घरेलू बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन किया था। जिसकी डिमांड राशि 26 हजार 200 रुपए 17 अगस्त 2022 को ही जमा करवा दी थी। लेकिन करीब डेढ़ माह बाद भी बिजली कनेक्शन को लेकर विभाग द्वारा मौके पर कोई कार्रवाई शुरु नहीं की गई थी। बिजली मिलने पर पीडि़त ने पत्रिका का आभार जताया।

जैविक खाद को लेकर बनाए जा रहे नाडेप गड्ढे का किया निरीक्षण

पीपलू. ग्राम पंचायत पीपलू में नाडेप गड्ढा तैयार करने को लेकर कार्य शुरु किया गया है। इससे किसानों को जैविक खाद से खेती का मूलमंत्र समझाया जाएगा। विकास अधिकारी नरेन्द्रकुमार जैन ने कार्य का निरीक्षण कर ग्राम विकास अधिकारी सचिन शर्मा को निर्देश दिए। वीडियो सचिन शर्मा ने बताया कि गांव में कूड़ा-करकट और गोबर के लगे ढेर जहां गांव की शोभा खराब करते हैं, वहीं इसके कारण संक्रामक बीमारियां भी फैलती है।

सरकार का उद्देश्य है कि इसी कूड़ा-करकट से तरक्की की राह निकाली जाए। मनरेगा से जैविक खाद बनाने का पहला प्रयोग गोशालाओं में किया गया है। जो काफी हद तक सफल रहा। गोशालाओं में भी नाडेप कंपोस्ट विधि से जैविक खाद तैयार हो रही है। अब इसे सरकार द्वारा गांव-गांव बनवाने का निर्णय लिया गया है। नाडेप कंपोस्ट बनाने के लिए पात्रता वाले किसानों के घर में यह संयंत्र बनाने का लक्ष्य है। ताकि वह गाय के गोबर, पुआल, कचरा आदि से वह जैविक खाद बना सके। इस मौके सरपंच कविता सैनी, रामबिलास सैनी, अशोक जैन, सलीम देशवाली, पवन नामा, राकेश कुमावत, कन्हैयालाल आदि मौजूद रहे।