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गलवा बांध की माइनर नम्बर एक पर किए गए अतिक्रमणों को जेसीबी से किया ध्वस्त

जल संसाधन विभाग के अधिकारी कर्मचारियों ने गलवा बांध की माइनर नम्बर एक पर किए गए अतिक्रमणों को जेसीबी मशीनों से हटवा दिया।
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टोंक

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Pawan Kumar Sharma

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Updated: 2 Nov 2019, 5:13 PM IST

गलवा बांध की माइनर नम्बर एक पर किए गए अतिक्रमणों को जेसीबी से किया ध्वस्त

गलवा बांध की माइनर नम्बर एक पर किए गए अतिक्रमणों को जेसीबी से किया ध्वस्त

उनियारा. यहां गुरुवार को जल संसाधन विभाग के अधिकारी कर्मचारियों ने गलवा बांध की माइनर नम्बर एक पर किए गए अतिक्रमणों को जेसीबी मशीनों से हटवा दिया। कस्बे के नजदीक टोंक रोड के पास निकली हुई है। उस नहर के सहारे कई लोगों के मकान बना रखे है।

उक्त लोगों ने अपने मकानों में बने शौचालयों के पाइप आदि सीधे नहर में डाल रखे है। साथ ही नहर की दीवार पर भी शिवरेज टेंक, चबुतरे तथा बालकनियां आदि बनाकर अतिक्रमण कर लिया है। इस सम्बन्ध में किसानों द्वारा पूर्व में कई बार उपखण्ड अधिकारी एवं जल संसाधन विभाग अधिकारियों को लिखित एवं मौखिक रूप से मकानों के गंदे पानी के नालों को बंद करवाने के लिए कहा गया।

लेकिन अब तक कोई ध्यान नहीं दिया। किसानों द्वारा उच्च स्तर पर अवगत कराने के बाद प्रशासन की आंखे खुली। जल संसाधन विभाग के सहायक अभियन्ता मानसिंह, कनिष्ठ अभियन्ता रबिना मीणा, राजेन्द्र चौधरी ने जेसीबी मशीन से मौके पर उपस्थित रहकर माइनर पर किए गए अतिक्रमणों को ध्वस्त करवा दिया।

9 नवम्बर को नहरों में छोड़ेगे पानी

उनियारा. यहां स्थित कच्चे बांधों की श्रेणी में जिले के सबसे बड़े एवं राज्य के दसवें नम्बर पर आने वाले गलवा बांध की नहर 9 नवम्बर को कमाण्ड क्षेत्र के किसानों की रबी की फसल की सिंचाई के लिए खोल दी जाएगी। यह निर्णय शुक्रवार को यहां कृषि उपज मण्डी प्रांगण में आयोजित गलवा बांध जल वितरण समिति की बैठक में लिया गया।

बैठक संभागीय आयुक्त लक्ष्मीनारायण मीणा की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में किसानों ने नहरों की साफ-सफाई एवं मरम्मत नहीं होने को लेकर हंगामा किया। छात्र किसान महापंचायत के प्रदेश अध्यक्ष रामेश्वर चौधरी ने कहा कि गलवा बांध की नहरों की मरम्मत एवं रखरखाव के लिए 645 लाख रुपए स्वीकृत किए गए थे, लेकिन अधिकारियों द्वारा ध्यान नहीं दिए जाने के कारण उक्त राशि लेप्स हो गई और नहरों का कोई कार्य नहीं हुआ।

इस पर जल संसाधन विभाग के अधीक्षण अभियन्ता रवि सारस्वत ने कहा कि उक्त राशि नाबार्ड से जारी होनी थी। नाबार्ड द्वारा राशि जारी नहीं किए जाने से कोई पैसा नहीं आया। किसान नेता काशीराम चौधरी ने नहर के अन्तिम छोर तक पानी पहुंचाने की बात कही। इस पर जिला कलक्टर किशोर कुमार शर्मा नेे जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को निर्देशीत किया कि किसी भी सूरत में 5 नवम्बर तक नहरों की मरम्मत एवं सफाई का कार्य पूरा हो जाना चाहिए।


संभागीय आयुक्त लक्ष्मीनारायण मीणा ने सभी बिन्दुओं को सुनने के बाद 9 नवम्बर को बांध की नहर खोले जाने की घोषणा की।बैठक में गलवा बांध जल उपभोक्ता संगम के चेयरमैन कालूराम गूर्जर, पालिकाध्यक्ष राकेश बडाया, जल उपभोक्ता संगम अध्यक्ष कैलाश चौधरी, जल संसाधन विभाग के अधिशासी अभियन्ता गजानन्द सामरिया, उपखण्ड अधिकारी चौथ का बरवाडा राहुल सैनी सहित अनेक जनप्रतिनिधी, किसान, सरकारी विभागों के अधिकारी कर्मचारी मौजूद थे।