
Rajasthan Assembly Election 2023 : राजस्थान विधानसभा चुनाव-2023 में इस बार टोंक जिले में यह अनूठा नवाचार किया जा रहा है। इसमें मतदान प्रतिशत बढ़ाने को लेकर अपनों को पाती लिखी जा रही है। टोंक के अतिरिक्त जिला कलक्टर डॉ. सूरज सिंह नेगी की ओर से ये पहल की जा रही है। साथ ही स्कूलों में प्रार्थना के दौरान भी मतदान की शपथ दिलाई जा रही है। नेगी का सोचना है कि एक दौर था जब हमें अपने हाल अपनों तक पहुंचाने के लिए पत्र ही माध्यम हुआ करते थे।
अपनों के संदेशों का बेसब्री से इंतजार होता था। लेकिन जैसे-जैसे सोशल मीडिया की जद में आए पत्रों का दौर खत्म सा हो गया। यहां तक कि इस मशीनी युग में संवाद शून्यता और संवेदनहीनता को बढ़ाया ही है। उन्होंने गत पांच वर्षों से लुप्त होती पत्र लेखन विधा को पुनर्जीवित करने का बीड़ा उठाया है। इस कार्य में डॉ. नेगी की मदद उनकी पत्नी डॉ मीना सिरोला भी कर रही है। वह वनस्थली विद्यापीठ में शिक्षा संकाय में एसोसिएट प्रोफेसर है।
पूज्य माताजी-पिताजी, सादर चरण स्पर्श। मैं आपकी लाड़ली बेटी कोमल। आशा करती हूं कि आप सकुशल होंगे। मैं आपको वर्ष 2023 में होने जा रहे विधानसभा के चुनाव सम्बन्धित कुछ बातें बताने जा रही हूं। वोट डालना सभी नागरिकों की जिम्मेदारी और कर्तव्य है। यह हमारा मौलिक अधिकार भी है। आपका मत अमूल्य है, जिसका उपयोग हर हाल में करें। स्कूल के विद्यार्थी ऐसे पत्र लिखकर अभिभावकों को इन दिनों भेज रहे हैं।
पत्र में किया मतदान का आग्रह
नेगी अपने पत्र मुहिम के माध्यम से इस बार स्कूली बच्चों से अपने परिजनों को मतदान के लिए पत्र लिखवा रहे हैं। उनका कहना है कि जब बच्चे पत्र लिखकर अपने परिजनों को देंगे, जिसमें 25 नवम्बर को मतदान देने का आग्रह होगा तो परिजन उन बच्चों की बात को नजरअंदाज नहीं करेंगे और मतदान करने अवश्य जाएंगे। टोंक जिले में पिछले विधान सभा चुनाव में 677 पोलिंग बूथ ऐसे थे जिन पर स्टेट की तुलना में मतदान प्रतिशत कम था और 152 बूथ पर मतदान 65 प्रतिशत से भी कम था। ऐसे में आज के मतदाता को भावी मतदाता मतदान के लिए प्रेरित कर पत्र लिख रहा है यह एक नवाचारी प्रयोग है।
10 देशों तक पहुंची मुहिम: नेगी दंपति ने अब तक अखिल भारतीय स्तर की 21 पत्र लेखन प्रतियोगिताओं का आयोजन कर पत्र लेखन की दिशा में अभूतपूर्व कार्य किया है। देश के 22 राज्यों एवं विश्व के 10 राष्ट्रों में यह पत्र मुहिम पहुंच चुकी है। सबसे खास बात यह है कि पत्र लेखन प्रतियोगिता में केवल बड़े ही नहीं। स्कूली बच्चे भी बढ़ चढकऱ हिस्सा ले रहे हैं। अब तक देशभर के 20 हजार से अधिक स्कूली बच्चे पत्र लिख चुके हैं।
खुद ही लिखेंगे और परिजनों तक पहुंचाएंगे: मतदान के लिए बच्चे न केवल पत्र लिख रहे हैं। बल्कि लिखे गए पत्र को अभिभावकों तक पहुंचाएंगे भी। वहीं विद्यार्थी स्कूल में पत्र लिख रहे हैं। इसमें संस्था प्रधान फोटोकॉपी करवा कर एक प्रति बच्चों को दे रहे हैं। जिसे वो अपने परिजन को सुपुर्द कर रहे हैं। एक प्रति विद्यालय में रहेगी, जिनका मूल्यांकन कर श्रेष्ठ 5 पत्र प्रतियोगिता आयोजकों के पास भेजेंगे। प्रत्येक विद्यालय से प्राप्त 5 पत्रों का मूल्यांकन विशेषज्ञ समिति से करवाया जाएगा एवं श्रेष्ठ 200 पत्रों को पुस्तक रूप में प्रकाशित किया जाएगा। प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र भी दिए जाएंगे। इसके अलावा प्रथम, द्वितीय, तृतीय स्थान पर आने वाले प्रतिभागी को क्रमश: 5100, 3100, 2100 रुपए का इनाम भी दिया जाएगा। इस मुहिम को लेकर खासा जोश है।
ऐसे लिखा पत्र
-दूनी निवासी कोमल मीणा ने माता-पिता को पत्र लिखकर कहा कि मतदान आवश्यक है। बिना किसी दबाव में मतदान किया जाए। यह अधिकार है और देना जरूरी है।
-टोकरावास निवासी सुरेश कुमार ने पिता को पत्र लिखा कि क्षेत्र में विकास कराने के लिए अपने मत का प्रयोग अवश्य और स्वच्छ छवि वाले प्रत्याशी को हर हाल में यिका जाए।
-दूनी सूरज कुमारी ने अपने बड़े भाई को पत्र लिखा कि आपकी उम्र अब 18 वर्ष हो गई है। अब आप मतदान जरूर करें और अपने मित्रों को भी मतदान करने लेकर जाए।
Published on:
27 Oct 2023 03:05 pm
