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उतर गया बाजार का मुंह

टोंक. पांच सौ व एक हजार रुपए के नोट बंद किए जाने की घोषणा के बाद बुधवार को बाजार में भूचाल आ गया। हर कोई अपने पास मौजूद इन नोटों को चलाने में तुला हुआ था
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लखनऊ

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Pawan Kumar Sharma

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Updated: 10 Nov 2016, 12:05 PM IST

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टोंक स्थित एक पेट्रोल पम्प पर बुधवार को लगी वाहन चालकों की भीड़।

टोंक. पांच सौ व एक हजार रुपए के नोट बंद किए जाने की घोषणा के बाद बुधवार को बाजार में भूचाल आ गया।

हर कोई अपने पास मौजूद इन नोटों को चलाने में तुला हुआ था, लेकिन बाजार में आर्थिक 'कफ्र्यू लग गया।

इससे पहले मंगलवार देर रात तक पेट्रोल पम्प पर भारी भीड़ रही। कई जगह पुलिस की मौजूदगी में पेट्रोल व डीजल आपूर्ति करनी पड़ी।

इधर, दुकानदार भी इन नोटों को लेने को तैयार नहीं है। इससे मजदूरपेशा वर्ग ज्यादा परेशान दिखे। आए दिन घरेलू सामान की खरीद करने वाले निचले तबके को लोगों को रुपए को लेकर चिंता रही।

मौजूदा रुपए को बैंक के एटीएम में जमा कराने वालों की भी भीड़ लगी रही। इन सबसे जिलेभर में बुधवार को करीब 30 करोड़ रुपए का कारोबार प्रभावित रहा।

वहीं लोगों को मजबूरी में नोट चलाने के लिए कई दुकानों पर जरूरत से अधिक का सामान खरीदना पड़ा। रसोई गैस सिलेण्डर की करीब 75 प्रतिशत आपूर्ति नहीं हो पाई।

आपूर्ति करने वाले सेल्समैन ने 500 व एक हजार रुपए का नोट लेने से मना कर दिया। ऐसे में कई लोगों को 100-100 के नोट अन्य से उधार लेकर गैस सिलेण्डर खरीदने पड़े।

पेट्रोल पम्पों पर रही भीड़

पेट्रोल पम्पों पर मंगलवार रात से बुधवार रात तक भीड़ रही। भीड़ व रुपए को लेकर हो रही झड़प के चलते पम्प संचालकों को पुलिस की मदद लेनी पड़ी।

वाहन चालक 500 रुपए का नोट देकर महज 50 रुपए का पेट्रोल ले रहा था। इसके बाद पम्पकर्मियों ने पांच सौ व एक हजार रुपए तो लिए,

लेकिन उसके बदले कम से 350 से 400 रुपए का पेट्रोल व डीजल डालना शुरू कर दिया।

समझ नहीं पा रहे लोग

हालांकि सरकार ने इन नोटों का पूर्णरूप से बंद कर दिया, लेकिन बैंक में जमा कराने की अंतिम तिथि 30 दिसम्बर जारी की है।

ऐसे में लोग इस बात को समझ नहीं पाए और मौजूद 500 व एक हजार रुपए के नोट को चलाने के चक्कर में घनचक्कर हो गए।

जबकि जिसके भी पास जो भी नोट है, वो उसे 30 दिसम्बर तक बैंक में जमाकर नया नोट ले सकता है।

शादियों में परेशानी

देवउठनी एकादशी पर शुक्रवार को विवाह समारोह की भरमार है। इसको लेकर लोग खरीदारी करने शहर आ रहे हैं।

ऐसे में जानकारी के अभाव में लोगों को परेशानी हुई। कई लोगों ने यह कहते हुए काम चलाया कि शेष राशि वह विवाह बाद दे देंगे।

शहर में पढ़ रहे विद्यार्थियों को भी एटीएम से राशि नहीं निकलने से परेशानी का सामना करना पड़ा।