सोप. बारिश ने किसानों के अरमानों पर पानी फेर दिया है। इस बारिश के कारण करीब 9050 हजार हैक्टेयर एरिया के फसलों में 80 से 90 फीसदी नुकसान का आंकलन किया जा रहा है। इस बारिश से खेतों में कटकर पडी सोयाबीन, उड़द, मूंग, बाजरा, मक्का की फसल नष्ट हुई है। दो दिन तक रुक- रुक कर कभी तेज तो कभी मध्यम गति से हुई बारिश से बांधों, तालाबों में पानी की आवक बढ़ी है, लेकिन किसानों के लिए यह बारिश नुकसान साबित हुई है। खेतों में पानी भरने से किसानों को दोबारा बुवाई करनी पड़ेगी। देरी के चलते गेहूं, चना, जौ की फसलों की बुवाई ज्यादा होगी। सोप, बासंला, आमली, मोहम्मदपुरा पायगा समेत आदि क्षेत्रों में में अस्सी फीसदी $फसल खराब हो गई।