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इस बार छुट्टियां साउथ में, तो यह गाइड जरूर पढ़ें

दक्षिण भारत में पर्यटकों का तहे दिल से स्वागत किया जाता है। यहां की परम्पराएं और रीति-रिवाज बिल्कुल अलग हैं। यहां अगर आप घूमने जाएंगे तो आपको यहां के लोगों को करीब से जानने का मौका मिलेगा। यात्रा पर जाने से पहले या उसके दौरान कुछ बातें जरूर याद रखें
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जयपुर

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Vanshika Sharma

•

Updated: 13 Apr 2023, 1:24 PM IST

इस बार छुटियां साउथ में, तो यह गाइड जरूर पढ़ें

इस बार छुटियां साउथ में, तो यह गाइड जरूर पढ़ें

मौसम का ध्यान रखें

दक्षिण भारतीय शहरों के मौसम की जानकारी आपकी यात्रा के लिए जरूरी है। यहां गर्म और आद्र्र जलवायु है। कुछ जगहों पर आपको सुखद और हल्की ठंडी हवा का अनुभव हो सकता है। कुछ हिस्सों में गर्म मौसम रहता है। उन शहरों की यात्रा से बचें जहां तापमान 40 डिग्री तक पहुंच जाता है।

सूती कपड़े लेकर जाएं

ट्रेवल के लिए मौसम और जलवायु के आधार पर कपड़े रखें। हिल स्टेशन के लिए आप कुछ हल्के-गर्म कपड़े रख सकते हैं। वहीं यदि हेरिटेज सिटीज घूमने का प्लान है तो सूती कपड़ों के साथ बड़े स्कार्फ, कैप और चश्मा जरूर रखें।

वहां की वेशभूषा पहनें

इस बात का ध्यान रखें कि आपको यदि दक्षिण भारत की संस्कृति को करीब से जानना है तो स्थानीय लोगों की तरह व्यवहार करें, टूरिस्ट की तरह नहीं। दक्षिण भारतीय राज्यों की परंपराएं और रीति-रिवाज भारत के अन्य राज्यों की तुलना में भिन्न और आश्चर्यचकित करने वाले हैं। दक्षिण भारत की यात्रा के लिए जाते समय याद रखें, यहां के लोगों की वेशभूषा भारत के अन्य राज्यों की तुलना में भिन्न है। दक्षिण भारत के हर राज्य में आपको अलग अलग कपड़े और वेशभूषा देखने को मिलेगी। आप चाहें तो उन राज्यों की वेशभूषा भी ट्राइ कर सकते हैं। वहां के लोगों व संस्कृति का सम्मान करें।

भाषा सीखकर जाएं

दक्षिण भारत के हर राज्य में बोली जाने वाली भाषा के कुछ प्रचलित शब्दों को सीखकर जाएं। ऐसा सोचा जाता है कि वहां अंगेजी काम करेगी, लेकिन ऐसा नहीं है। भाषा यात्रा में बाधक न बने, इसके लिए कुछ शब्दों को अवश्य सीख लेना चाहिए।

ट्रैफिक न बने बाधा

अगर आप पहली बार दक्षिण भारत की यात्रा कर रहे हैं, और भीड़भाड़ वाली बसों, ऑटो-रिक्शा, बाइक, कार, यातायात और सडक़ों की बाढ़ से होने वाली परेशानियों से बचना चाहते हैं, तो शुक्रवार की रात को दक्षिण भारतीय शहर की यात्रा करने से बचें। वीकेंड पर यहां ज्यादा भीड़ होती है।

संतुष्ट होना जरूरी है

पर्यटन सुकून देने वाली बात है। ऐसे में हमेशा भागदौड़ से बचना चाहिए जैसे कि कुछ लोग एक दो जगह गए और उसकी सेल्फी ली, सोशल मीडिया पर शेयर किया और उसको पर्यटन समझ लेते हैं। असल मायने में यह पर्यटन नहीं है। खुद से सवाल करें कि क्या आप वहां जाने से संतुष्ट हुए हैं या नहीं।

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