वनराज अपनी चुप्पी तोड़ते हुए बतातें हैं कि वह शादी से भागकर नहीं गए थे, बल्कि उनका दम घुट रहा था इसलिए वह कुछ देर के लिए बाहर चले गए थे। वनराज काव्या को डांटते हैं और उनसे कहते हैं कि अगर उन्होंने फिर से कभी उनके परिवार के साथ ऐसा किया तो वह बर्दाश्त नहीं करेंगे। वनराज की बात सुन काव्या डर जाती हैं। वनराज काव्या को कहते हैं कि वह उन्हें धमका कर नहीं पा सकती हैं। जिसके बाद राखी दवे पंडित को जानें को कहती हैं, लेकिन वनराज पंडित को जानें से माना कर देती हैं।