थोड़ा इम्पल्सिव हूं...
चंदन और उस आर्टिस्ट लडक़ी के झगड़े, मेरी डांट, गालियां और चंदन के साथ मार-पीट के बाद भी हमारा शो बहुत अच्छा हुआ, लेकिन शो खत्म होते ही चंदन बिना मुझे कुछ बताए होटल से चेक-आउट करके चला गया। पूरे पांच दिन बाद जब हम सब लोग वापसी के लिए एयरपोर्ट पहुंचे, तब मुझे चंदन नजर आया, अचानक उसको देखते ही मुझे फिर गुस्सा आ गया। मैं थोड़ा इम्पल्सिव हूं। उसे देखते ही मैंने फिर से उस पर गालियों की बौछार शुरू कर दी, जवाब में चंदन ने भी मुझे गालियां दीं। लेकिन लोगों को मेरी गालियां तो याद रहीं, चंदन की गालियां लोग भूल गए। प्लेन के अंदर जूते से मारने की बात जो सामने आई थी, वह बिल्ककुल गलत थी। मैंने जूते तो पहने ही नहीं थे। उस समय मैं प्लेन में दी जाने वाली जुराबें पहन कर बैठा था, तो जूते निकालकर मारने का सवाल ही नहीं उठता है। हां, मैंने ड्रिंक कर रखी थी।