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शिल्पा शिंदे को झूठे हैरेसमेंट के कबूलनामे पर मिला अभिनेत्री उपासना सिंह का साथ, बोलीं- उसने सच बोलने की हिम्मत दिखाई

Upasana Singh on Shilpa Shinde False Harassment Confession: टीवी एक्ट्रेस शिल्पा शिंदे के झूठे हैरेसमेंट के कबूलनामे पर अब बवाल बढ़ता ही जा रहा है। अब इस मामले पर उपासना सिंह ने अपना रिएक्शन दिया है।

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Upasana Singh on Shilpa Shinde False Harassment Confession

Upasana Singh on Shilpa Shinde False Harassment Confession (सोर्स- एक्स)

Upasana Singh on Shilpa Shinde False Harassment Confession: टीवी इंडस्ट्री में इन दिनों अभिनेत्री शिल्पा शिंदे का नाम एक बार फिर सुर्खियों में है। करीब नौ साल पुराने यौन उत्पीड़न आरोपों को लेकर किए गए उनके हालिया खुलासे ने पूरे मनोरंजन जगत में बहस छेड़ दी है।

जहां एक तरफ कई कलाकार और फिल्म संगठन उनके बयान की आलोचना कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ अभिनेत्री और CINTAA की महासचिव उपासना सिंह ने शिल्पा शिंदे का समर्थन करते हुए उनका पक्ष रखने की कोशिश की है।

कबूलनामा से शुरू हुआ नया विवाद

हाल ही में कॉमेडियन भारती सिंह और हर्ष लिंबाचिया के पॉडकास्ट में शिल्पा शिंदे ने स्वीकार किया कि उन्होंने वर्षों पहले 'भाभीजी घर पर हैं' के निर्माता संजय कोहली के खिलाफ जो यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे, वो सही नहीं थे। उनके इस बयान के सामने आते ही सोशल मीडिया से लेकर टीवी इंडस्ट्री तक तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं।

कई लोगों ने सवाल उठाया कि अगर आरोप गलत थे तो इतने वर्षों तक इस मामले को लेकर चुप्पी क्यों साधी गई। वहीं कुछ लोगों का मानना है कि इस तरह के मामलों में झूठे आरोप वास्तविक पीड़ितों के लिए भी मुश्किलें बढ़ा देते हैं।

उपासना सिंह ने किया शिल्पा का बचाव

इस पूरे विवाद के बीच अभिनेत्री उपासना सिंह ने शिल्पा शिंदे का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि वो शिल्पा को व्यक्तिगत रूप से अच्छी तरह जानती हैं और उनके साथ कई टीवी शो में काम कर चुकी हैं। उपासना के मुताबिक, शिल्पा से गलती जरूर हुई, लेकिन उन्होंने अपनी गलती को स्वीकार भी किया और सार्वजनिक रूप से माफी मांगने का साहस दिखाया।

उपासना ने कहा कि किसी इंसान को केवल उसकी एक गलती के आधार पर नहीं परखा जाना चाहिए। उनके मुताबिक यदि शिल्पा को अपनी भूल का एहसास नहीं होता तो वह कभी भी दुनिया के सामने इस बात को स्वीकार नहीं करतीं।

'सेट पर करती हैं मदद'

उपासना सिंह ने 'स्क्रीन' के साथ बातचीत में शिल्पा शिंदे के उस पहलू का भी जिक्र किया जिसके बारे में कम चर्चा होती है। उन्होंने बताया कि शूटिंग के दौरान यदि किसी स्पॉट बॉय, लाइटमैन या मेकअप आर्टिस्ट को किसी प्रकार की परेशानी होती थी तो शिल्पा अक्सर उनकी मदद के लिए आगे आती थीं।

उनका कहना था कि कई ऐसे लोग हैं जिन्हें आर्थिक या व्यक्तिगत कठिनाइयों में शिल्पा ने सहयोग दिया है। उपासना के मुताबिक शिल्पा बेहद संवेदनशील और मददगार स्वभाव की महिला हैं, लेकिन इस समय लोग उनके व्यक्तित्व के इस पक्ष को नजरअंदाज कर रहे हैं।

परिस्थितियों को भी समझना जरूरी

उपासना सिंह ने ये भी कहा कि किसी विवाद को समझने के लिए उस समय की परिस्थितियों को भी देखना चाहिए। उनके अनुसार मनोरंजन उद्योग में कलाकारों पर लगातार काम का दबाव रहता है। कई बार मानसिक तनाव, पेशेवर असहमति और व्यक्तिगत परेशानियां लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर देती हैं जिन पर बाद में पछतावा होता है।

उन्होंने संकेत दिया कि उस समय शिल्पा किसी प्रकार की निराशा और तनाव से गुजर रही होंगी, जिसके कारण उन्होंने ऐसा कदम उठाया होगा। हालांकि उन्होंने साफ कहा कि वह किसी भी तरह से गलत आरोपों को सही नहीं ठहरा रहीं।

'गलती स्वीकार करने की हिम्मत हर किसी में नहीं होती'

उपासना सिंह का मानना है कि लोग केवल गलती पर ध्यान दे रहे हैं, लेकिन इस बात को नजरअंदाज कर रहे हैं कि शिल्पा ने वर्षों बाद अपनी गलती स्वीकार की। उन्होंने कहा कि कई लोग जीवनभर अपनी गलतियों को छिपाकर रखते हैं, लेकिन शिल्पा ने सार्वजनिक मंच पर अपनी बात रखी।

उनके मुताबिक किसी व्यक्ति की आलोचना करना आसान है, लेकिन अपनी भूल स्वीकार करने के लिए साहस चाहिए। यही कारण है कि वह शिल्पा को खलनायक की तरह पेश किए जाने के पक्ष में नहीं हैं।

AICWA ने की सख्त कार्रवाई की मांग

दूसरी ओर ऑल इंडिया सिने वर्कर्स एसोसिएशन (AICWA) ने इस मामले को बेहद गंभीर बताया है। संगठन का कहना है कि झूठे यौन उत्पीड़न के आरोप किसी व्यक्ति की प्रतिष्ठा, करियर, परिवार और मानसिक स्वास्थ्य को गहरा नुकसान पहुंचा सकते हैं।

संगठन ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि अगर ये साबित होता है कि आरोप जानबूझकर झूठे लगाए गए थे, तो कानून के अनुसार उचित कार्रवाई होनी चाहिए।

अशोक पंडित ने भी जताई नाराजगी

FWICE के मुख्य सलाहकार अशोक पंडित ने भी इस मामले पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि यौन उत्पीड़न जैसे गंभीर आरोपों का इस्तेमाल व्यक्तिगत या पेशेवर विवाद सुलझाने के लिए नहीं किया जाना चाहिए।

उनका मानना है कि झूठे आरोप केवल आरोपी व्यक्ति को नुकसान नहीं पहुंचाते, बल्कि उन वास्तविक पीड़ितों के लिए भी मुश्किलें पैदा करते हैं जो न्याय की उम्मीद में सामने आते हैं। ऐसे मामलों से समाज में वास्तविक शिकायतों की विश्वसनीयता भी प्रभावित होती है।

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