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Udaipur Double Murder: पड़ोसी ही निकला मास्टरमाइंड, हत्या कर बक्से में छिपाए थे बुजुर्ग दंपती के शव, 5 आरोपी गिरफ्तार

बुजुर्ग दंपती हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस के अनुसार वारदात लूट की नीयत से की गई थी। मुख्य सूत्रधार मृतक दंपती का पड़ोसी कुशल उर्फ खुशी पालीवाल निकला।
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Udaipur Double Murder

पुलिस की गिरफ्त में आरोपी। फोटो: पत्रिका

उदयपुर। सायरा थाना क्षेत्र के पुनावली गांव में बुजुर्ग दंपती हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस के अनुसार वारदात लूट की नीयत से की गई थी। मुख्य सूत्रधार मृतक दंपती का पड़ोसी कुशल उर्फ खुशी पालीवाल निकला। पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि छठे आरोपी को डिटेन किया गया है। घटना में प्रयुक्त वाहन भी बरामद किया गया है। जिला पुलिस अधीक्षक अमृता दुहन के अनुसार मृतक लहरीलाल पालीवाल और उनकी पत्नी राधाबाई पुनावली में रहते थे।

11 अगस्त की रात गुजरात में रह रहे उनके पुत्र मनोहरलाल ने राधाबाई से फोन पर बात की थी। अगले दिन दोनों घर पर नहीं मिले तो तलाश शुरू की गई। 14 अगस्त को घर के अंदर रखी बिस्तर पेटी में दोनों के शव मिले। पुलिस जांच में सामने आया कि कुशल पालीवाल करीब डेढ़ साल से वारदात की योजना बना रहा था। वह लोगों और बैंक से कर्ज ले चुका था और समय पर भुगतान नहीं कर पा रहा था। पुलिस के अनुसार आर्थिक परेशानी के चलते उसने पैसे की व्यवस्था के लिए दंपती को निशाना बनाने की योजना बनाई। उसे जानकारी थी कि दोनों अक्सर घर में अकेले रहते हैं और उनके पास जेवर व नकदी हैं।

9 अगस्त को की रेकी

9 अगस्त 2026 को कुशल अपने साथियों चंदन यादव, विकास खरवड़ और दिलीप चौधरी के साथ पुनावली पहुंचा। आरोपियों ने दंपती के घर और आसपास के क्षेत्र की रेकी की। इसके बाद वे गोगुंदा होते हुए पानरियो मादड़ी की ओर गए और लौटकर गोगुंदा टोल के पास एक होटल में रुके। यहां वारदात को लेकर आगे योजना बनाई गई। कुशल ने अपने चचेरे भाइयों किशन पालीवाल और जीवन पालीवाल को भी योजना में शामिल कर लिया। 10 अगस्त को कुशल और चंदन दोबारा पुनावली पहुंचे। कुशल पड़ोसी होने के कारण लहरीलाल के घर गया। राधाबाई ने दोनों को घर में प्रवेश दिया और खाना खिलाया। इसी दौरान कुशल ने घर में रखी हथौड़ी अपने कपड़ों में छिपा ली। लोगों की आवाजाही के कारण दोनों वहां से चले गए।

जन्मपत्री दिखाने के बहाने घर में घुसे

11 अगस्त की सुबह कुशल और चंदन फिर दंपती के घर पहुंचे, लेकिन दरवाजा बंद होने से लौट गए। रात में किशन और जीवन जन्मपत्री दिखाने के बहाने घर पहुंचे। उस समय लहरीलाल ऊपर की मंजिल पर थे। दोनों ने राधाबाई का ध्यान भटकाया और कुशल घर के अंदर बाथरूम में छिप गया। बाद में मैसेज के जरिए किशन और जीवन को वापस जाने के लिए कहा। देर रात कुशल ने दरवाजा खोलकर चंदन, दिलीप और विकास को अंदर बुलाया। आरोपी ऊपर की मंजिल पर पहुंचे और लहरीलाल के सिर पर हथौड़ी से वार कर उनकी हत्या कर दी। इसके बाद नीचे कमरे में सो रही राधाबाई का गला दबाकर हत्या कर दी गई।

आरोपियों ने दोनों शवों को प्लास्टिक की थैलियों में पैक कर बिस्तर पेटी में छिपा दिया और ऊपर बिस्तर रख दिए। इसके बाद राधाबाई की चाबी से अलमारी खोलकर जेवर और नकदी ले गए। दोनों के मोबाइल फोन भी साथ ले गए, जिन्हें बाद में चालू हालत में हाइवे पर फेंक दिया। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने घटना को इस तरह दिखाने का प्रयास किया कि दंपती अपनी इच्छा से कहीं गए हैं।

संदिग्ध कार से आरोपियों तक पहुंची पुलिस

मामले की जांच के दौरान पुलिस ने मृतकों के मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल और लोकेशन खंगाली तथा आसपास के लोगों से पूछताछ की। तकनीकी और अन्य जांच के दौरान एक संदिग्ध कार पुलिस के हाथ लगी। यह कार 9 और 11 अगस्त की रात तथा 12 अगस्त की सुबह करीब 5 बजे दिखाई दी थी। इसी कार की खेरवाड़ा टोल प्लाजा पर भी मौजूदगी सामने आई।

कार की जानकारी के आधार पर पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई और कुशल पालीवाल तथा उसके साथियों की भूमिका सामने आई। पुलिस ने पुनावली निवासी कुशल उर्फ खुशी पालीवाल (26), हाल निवासी सूरत, समस्तीपुरा बिहार निवासी चंदन यादव (27), हाल निवासी सूरत, सूरत निवासी दिलीप चौधरी (30), पुनावली निवासी किशन पालीवाल (21) और जीवन पालीवाल (21) को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त वाहन बरामद कर लिया है तथा छठे आरोपी को डिटेन किया हुआ है।