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मन की आंखों ने ढूंढा कहां है कश्मीर और लद्दाख

उदयपुर स्थित सरकारी अंध विद्यालय में नवाचार
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उदयपुर

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chandan deora

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Updated: 17 Sep 2019, 7:47 PM IST

school

Committee,

उदयपुर.कश्मीर को धरती का स्वर्ग कहा जाता है। गंगा को मां तो हिमालय को हिन्दुस्तान का सरताज कहते है। इसकी सुंदरता का हर कोई कायल रहता है। तभी तो देश की कल्पना भारत माता के रुप में होती है। गुजरात और असम इसकी भुजाएं तो केरल इसके पैर है। यह परिकल्पनाएं अब तक अंधेरे की जिदंगी जीने वाले अंध विद्यालय के बच्चों ने केवल सुनी ही थी लेकिन कभी महसूस नहीं की। लेकिन अब उनके लिए भारत का ब्रेल मैप तैयार किया गया है जिसको छू कर वह महसूस कर रहे है कि हमारा देश कैसा है। नदियां कहां से निकलती है। कश्मीर-लदख, असम, गुजरात, बंगाल कहां है। उदयपुर के प्रज्ञा चक्षु अंध विद्यालय में सोमवार को नेशनल एटलस एंड थिमेटिक मेपिंग ऑग्र्रेनाइजेशन कोलकात्ता की ओर से ब्रेल मैप दिखाया गया ओर इससे जुडी क्विज प्रतियोगिता रखी गई।कश्मीर ढूंढने मैप पर दौड़ी अंगुलियांइस आयोजन में विद्यालय के करीब 104 विद्यार्थियों ने भाग लिया ओर पहली बार ब्रेल मैप पर भारत की भौगोलिक स्थिति को देखा। राज्य की सीमाएं, नदीयां,पहाड़ मैदान, सागर को अंगुलियों से छूकर यह बच्चें मन ही मन खुश हो गए। मैप हाथ में आते ही धारा 370 हटने के बाद विश्व पटल पर चर्चा में चल रहे हमारे कश्मीर को इन बच्चों ने ढूंढने में खासी दिलचस्पी दिखाई।

पहली बार एेसा मैप आया सामने...

भारत सरकार के मिनिस्ट्री ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी विभाग के सहयोग से नेशनल एटलस एंड थिमेटिक मेपिंग ऑग्र्रेनाइजेशन ने यह मैप तैयार किया। विद्यालय की संस्था प्रधान आभा शर्मा ने बताया कि प्रदेश में बीकानेर, अजमेर, जोधुपर में सरकारी विद्यालय है लेकिन पहली बार उदयपुर अंध विद्यालय में यह अवसर इन बच्चों को मिला। बच्चों से इसके बाद में सवाल भी पूछे गए जिनमें विजेताओं को पुरस्कार दिए गए। बच्चों के साथ शिक्षकों ने भी इसे पहली बार छूकर देखा।

इनका कहना....

देश के बाद अब राज्यों के ब्रेल मैप तैयार करने का विचार है जो हिंदी के साथ वह क्षैत्रिय भाषा में भी होंगे ताकि बच्चों को भौगोलिक जानकारियां मिल सके। अभी मेघालय का ही स्टेट ब्रेल मैप है। दूसरे राज्य भी रुचि दिखाए। डॉ श्वेता बेनर्जी, वैज्ञानिक अधिकारी,नेशनल एटलस एंड थिमेटिक मेपिंग ऑग्र्रेनाइजेशनमैने भी पहली बार एेसा मैप देखा है। अंध विद्यार्थियों को अब भूगोल पढऩे में आसानी रहेगी क्योंकि अब तक वह किताबी ज्ञान लेते थे प्रेक्टिकल महसूस नहीं कर पाते थे। प्रशांत शर्मा, शिक्षक प्रज्ञाचक्षु विद्यालयमैने सबसे पहले कश्मीर और राजस्थान को ब्रेल मैप पर महसूस किया, नदी पहाड़ और राज्य की सीमा महसूस की और पड़ोसी कौन किस दिशा में यह भी जाना। अमृत कुमावत , छात्र