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पापा जल्‍दी आ जाना…ये कहकर नन्‍ही ब‍िट‍िया ने जाने को कहा था पापा को..लेक‍िन कुछ घंटों में ऐसा हुआ क‍ि वो बन गई आख‍िरी मुलाकात..

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उदयपुर

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Madhulika Singh

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Updated: 1 Sep 2018, 1:42 PM IST

constable died

पापा जल्‍दी आ जाना...ये कहकर नन्‍ही ब‍िट‍िया ने जाने को कहा था पापा को..लेक‍िन कुछ घंटों में ऐसा हुआ क‍ि वो बन गई आख‍िरी मुलाकात..

मो. इल‍ियास/उदयपुर. उदयपुर केन्द्रीय कारागृह के बाहर गुरुवार देर रात अज्ञात वाहन की टक्कर से कांस्टेबल की मौत हो गई। कलेेक्ट्र्रेेेट में पुलिस विभाग के लेखा शाखा में कार्यरत जवान की असामयिक मौत पर साथी जवानों में शोक की लहर छा गई।

पुलिस ने बताया कि करौली हिण्डौनसिटी निवासी कांस्टेबल पुष्कर (37) पुत्र चरण स‍िंंंह गुर्जर गुरुवार देर रात कार्यालय से बाइक पर घर के लिए निकला था। जेल के बाहर ही अज्ञात वाहन की टक्कर के बाद वह सडक़ किनारे खड़े ठेले पर जा गिरा। सिर व पेट में चोट लगने से मौके पर ही उसकी मौत हो गई। राहगीरों ने शव देखकर सूरजपोल थानापुलिस को सूचना दी। पुलिस ने शव को एमबी. चिकित्सालय के मुर्दाघर में रखवाते हुए परिजनों को बताया। शाम करीब 4.30 बजे परिजनों के पहुंचने पर पुलिस ने पोस्टमार्टम करा शव सुपुर्द किया। इस दौरान कई साथी मुर्दाघर पहुंच गए। सभी ने गमगीन माहौल से मृतक को अंतिम विदाई दी।

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...जल्दी आना पर नहीं आए पापा

कांस्टेबल पुष्करसिंह की दस वर्षीय नन्हीं अदित‍ि का गुरुवार को जन्मदिन था। सुबह से ही उसके पुलिस लाइन क्वार्टर में हंसी खुशी का माहौल था। शाम को जब केक काटा तो कांस्टेबल पिता पुष्कर ने पहुंचकर उसे सुभाशीष दी। उसके बाद पापा जब किसी काम से वापस घर से निकले तो बरबस अदिति‍ि‍ के मुंह से निकला ही था कि जल्दी आना लेकिन वापस उसकी मौत की खबर घर पहुंची। परिवार तो क्या साथियों को विश्वास ही नहीं हो पाया। मृतक के तीन बच्चे अभिषेक (14), अदिती (10) व आर्यव (3) है। साथी पुलिसकर्मियों ने बताया कि एक माह पहले ही पुष्करङ्क्षसह की मां की भी मृत्यु हुई थी, 15 दिन पहले ही वह ड्यूटी पर लौटा था। वर्ष 2001 की भर्ती के कांस्टेबल पुष्करसिंह पुलिस जवानों के लेखा का काम करने से उसे सभी जवान जानते थे। सुबह जब मौत की सूचना मिली तो पुलिस लाइन के साथ ही पुलिस के समस्त कार्यालय में शोक लहर की छा गई।