
वित्तीय खातों से जुडे़ मामलों में अब विश्वविद्यालय अनियमितता नहीं बरत सकेंगे। सभी वित्तीय कार्यों का विवरण भी ऑनलाइन रखना होगा। कुलाधिपति व राज्यपाल कल्याण सिंह इस योजना को मूर्त रूप देने के लिए महाराणा प्रताप कृषि व प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। वित्तीय कार्यों को लेकर एमपीयूएटी प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों के लिए एक समान गाइड लाइन तैयार करेगा। समान गाइड लाइन निर्धारण के बाद मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी भी एमपीयूएटी की रहेगी।
बैठक में हुए निर्णय के अनुसार विश्वविद्यालय को वित्तीय कार्यों से जुड़ी सभी जानकारियां एक ई- पोर्टल उपलब्ध करानी होंगी। विश्वद्यालयों को कैशलेस बनाया जाएगा। लेन- देन, संसाधन खरीद, खर्च आदि का विवरण एक ई पोर्टल पर रहेगा। टेंडर आदि कार्य भी ऑनलाइन किए जाएंगें। समान गाइड लाइन तैयार हो जाने के बाद विवि ऑफ लाइन टेंडर आदि कार्य नहीं कर सकेंगें।
अभी तक है यह व्यवस्था
वित्तीय मामलों और लेखांकन को लेकर विश्वविद्यालयों अलग- अलग व्यवस्थाएं हैं। ज्यादातर विश्वविद्यालयों में संसाधन, उपकरण आदि के खरीद कार्य ऑफ लाइन किए जाते हैं। अनुदान व दूसरी मदों प्राप्त राशि का ब्यौरा फाइलों में रखा जाता है। इसमें कई बार त्रुटियां भी हो जाती हैं। कई विश्वविद्यालयों में उपकरणों की खरीद आदि में अनियमितता के मामले भी सामने आ चुके हैं।
विश्वविद्यालय इस दिशा में जल्दी कार्य शुरू कर देगा। वित्तीय कार्यों के लिए सभी विश्वविद्यालयों के लिए समान गाइड लाइन बनने से पारदर्शिता में बढ़ोत्तरी होगी।
-प्रो. उमा शंकर शर्मा, कुलपति, एमपीयूएटी
Published on:
17 Feb 2017, 7:50 PM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.