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भारत बन सकता है जैविक कृषि में सिरमौर

महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में हुआ आयोजन, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का २१ दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम
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उदयपुर

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Sushil Kumar Singh Chauhan

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Updated: 7 Sep 2018, 2:11 AM IST

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भारत बन सकता है जैविक कृषि में सिरमौर

उदयपुर. महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के तत्वावधान में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली की ओर से प्रायोजित जैविक खेती पर 21 दिवसीय राष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम 'आधुनिक जैविक कृषि में अध्यतन प्रगति एवं नवाचारÓ का आयोजन अनुसंधान निदेशालय की ओर से शुरू हुआ। उद्घाटन समारोह में अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. उमा शंकर शर्मा ने की। मुख्य अतिथि भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली के उप महानिदेशक (कृषि शिक्षा) प्रो. एन. एस. राठौड़ थे। कार्यक्रम को प्रो. राठौड़ ने संबोधित करते हुए कहा कि वर्ष १९४० में जैविक कृषि के विचार का जन्म हुआ। वर्ष 2017-18 में हमारे देश का खाद्यान्न उत्पादन 278 मिलियन टन से ज्यादा हुआ है, जो हमारे जनंसख्या की आवश्यकता से अधिक है। अत: हमें आज उच्च गुणवश्रा के कृषि उत्पाद की आवश्यकता है। इसके लिए किसानों को जैविक खेती की ओर प्रोत्साहित किया जा रहा है। जैविक उत्पाद का अधिक मूल्य मिलने के साथ ही जैविक कृषि में युवा विद्यार्थियों के लिए रोजगार के अधिक अवसर हंै।
निपुणता में छिपा सार
प्रो. शर्मा ने कहा कि भारत में दुनिया के 32 प्रतिशत जैविक किसान/उत्पादक हैं, जिनको सही तकनीकी ज्ञान एवं बाजार अवसरों में निपुण कर दिया जाए तो विश्व बाजार में भारत दुनिया का सबसे बड़ा जैविक उत्पादक निर्यातक देश बन सकता है। अनुसंधान निदेशक डॉ. ए.के. मेहता, जैविक खेती प्रशिक्षण केन्द्र तथा क्षेत्रीय अनुसंधान निदेशक डॉ. एस.के. शर्मा एवं अन्य ने विचार व्यक्त किए। २५ सितम्बर तक प्रस्तावित शिविर में गुजरात, मध्यप्रदेश, आन्ध्रप्रदेश, पंजाब, हरियाणा, जम्मू एवं कश्मीर, महाराष्ट्र एवं राजस्थान के 12 विभिन्न संस्थानों के 25 वैज्ञानिक भाग ले रहे है। कार्यक्रम के बीच ही विशेष प्रकार की खेती एवं विषय संबंधित जानकारी से विशेषज्ञों को बदलाव की जानकारी दी जाएगी। इसी तरह विशेषज्ञों के माध्यम से ही प्रशिक्षण लेने वाले प्रशिक्षुओं के सवालों का जवाब दिया जाएगा। संचालन डॉ. रोशन चौधरी ने किया।

डायबिटिज व एसीडिटी शिविर कल
सिंधी बाजार स्थित राजकीय आदर्श आयुर्वेद औषधालय एवं अरावली विकास संस्था के तत्वावधान में शनिवार सुबह ९ से १२ बजे के बीच एक दिवसीय नि:शुल्क डायबिटिज एवं एसीडिटी शिविर का आयोजन होगा। आयुर्वेद चिकित्साधिकारी एवं शिविर प्रभारी वैद शोभालाल औदीच्य ने बताया कि जनसहभागिता सरोकार के तहत आयोजित शिविर में डायबिटीज जांच के साथ एसीडिटी (अम्लपित) के जरूरतमंद मरीजो को नि:शुल्क औषधि वितरण अरावली विकास संस्थान की ओर से होगा। मौके पर स्वच्छ जीवन शैली पर आधारित पोस्टर प्रदर्शनी लगाई जाएगी, जो आमजन के लिए चिकित्सालय समय में खुली रहेगी।