29 अक्टूबर 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

जेल प्रहरियों की 9 अप्रेल से अन्न-जल त्यागने की चेतावनी, इससे पूर्व करेंगे सामूहिक तौर पर मैस बहिष्कार

वेतन विसंगति में सुधार को लेकर जेल प्रहरी 2 अप्रेल को सामूहिक तौर पर मैस बहिष्कार करेंगे।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

उदयपुर

•

image

Madhulika Singh

•

Updated: 24 Mar 2018, 3:40 PM IST

jail guards

उदयपुर . वेतन विसंगति में सुधार को लेकर कारागृह प्रहरियों ने फिर से सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने की तैयारी की है। नौ माह के बाद भी आश्वासन पर कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए उन्होंने शुक्रवार को मुख्यमंत्री के नाम जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपा।

वर्दी में पहुंचे जेल प्रहरियों ने ज्ञापन में चेतावनी दी कि वे नियमानुसार सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए 2 अप्रेल को सामूहिक तौर पर मैस बहिष्कार करेंगे। इसके बाद 9 अप्रेल से अनिश्चितकाल के लिए अन्न-जल त्याग देंगे। उन्होंने बताया कि वर्ष 1998 से सभी कर्मचारी वेतन विसंगतियों का सामना कर रहे हैं। इसके चलते 6 जुलाई 2017 को अनिश्चितकालीन हड़ताल का कदम उठाया। इसके बाद 9 जुलाई को तत्कालीन पुलिस महानिदेशक अजीत सिंह की ओर से उन्हें लिखित में उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया गया, लेकिन अब तक मामले को लेकर गृह विभाग गंभीरता नहीं है।

READ MORE : उदयपुर नगर विकास प्रन्यास ने आवासहीन को आवास, पर्यटन एवं समग्र शहरी विकास के संकल्प के साथ 308.28 करोड़ का बजट वर्ष 2018-19 के लिए प्रस्तावित

भ्रष्टाचार मुक्त बेहतर सेवाओं पर की चर्चा
उदयपुर. भारतीय विमानपत्तन निगमित सर्तकता विभाग की ओर से ‘निवारक सतर्कता: बेहतर शासन के लिए एक उपकरण’ विषयक दो दिवसीय कार्यशाला का समापन शुक्रवार को हुआ। गोवर्धन विलास स्थित होटल इंदर रेजिडेंसी में हुई कार्यशाला में भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के मुख्य सर्तकता अधिकारी आर एस भट्टी (आईपीएस), क्षेत्रीय कार्यपालक निदेशक उत्तरी क्षेत्र राकेश कालरा, सर्तकता महाप्रबंधक एसएन बोरकर, महाप्रबंधक मानव संसाधन निवेदिता दुबे तथा संयुक्त महाप्रबंधक (आईटी) दक्षिण क्षेत्र बाबूराज उपस्थित थे। गौरतलब है कि इस कार्यशाला का उद्देश्य विजिलेंस के माध्यम से भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण की कार्यशैली को प्रशासनिक दृष्टि से पारदर्शी और विश्वसनीय
बनाना था। कार्यशाला में उदयपुर सहित जयपुर, जोधपुर , कोटाबीकानेर तथा जैसलमेर रीजन के 50 से अधिक कर्मचारी तथा अधिकारी शामिल हुए। सभी ने दोनों दिन अलग-अलग सत्रों में भ्रष्टाचार मुक्त बेहतर सेवाओं के लिए प्रतिबद्ध और जागरूक रहने पर चर्चा करते परस्पर अनुभव भी साझा किए।