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हे भगवान, बाल-बाल बची नवजात की जान लेकिन मां हुई घायल

अनहोनी की लगातार जताई जा रही आशंकाओं के बीच सोमवार सुबह लेबर वार्ड की छत से छूटा प्लास्तर का बड़ा हिस्सा प्रसूता के समीप बैठी परिजन महिला के सिर पर गिरा जिससे उसे चोट आई।
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दंतेवाड़ा

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Madhulika Singh

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Updated: 14 Feb 2017, 5:51 PM IST

संभाग के सबसे बड़े पन्नाधाय चिकित्सालय में आखिरकार वहीं हुआ, जिसका डर था। अनहोनी की लगातार जताई जा रही आशंकाओं के बीच सोमवार सुबह लेबर वार्ड की छत से छूटा प्लास्तर का बड़ा हिस्सा प्रसूता के समीप बैठी परिजन महिला के सिर पर गिरा जिससे उसे चोट आई। शुक्र रहा कि गोद में नवजात को लिए बैठी परिजन महिला ने उसे शॉल से ढक रखा था जिससे नवजात चोटिल होने से बच गया।

प्रसूता एवं परिजनों के शोर मचाने पर वार्ड प्रशासन ने महिला को संबंधित वार्ड से हटाया और वहां के तीन बेड खाली करवा दिए। हाथोंहाथ महिला को वार्ड नंबर 4 में शिफ्ट किया गया। इससे पहले प्रसूता केसर पत्नी कोमल को लेबर वार्ड 2 में नवजात के साथ वहां लिटाया गया था। सुबह करीब 6 बजे छत से प्लास्तर गिरा।

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गौरतलब है कि राजस्थान पत्रिका ने 8 फरवरी को लेबर वार्ड की छत एवं दीवारों से पानी के लगातार रिसाव को लेकर 'प्रसूताओं की जान पर अनहोनी का संकट' समाचार प्रकाशित कर चिकित्सालय प्रशासन एवं निर्माण कार्य से जुड़े पीडब्ल्यूडी का ध्यान इस ओर आकर्षित किया था।

जांच के लिए कहा

छत से गिरने वाले प्लास्तर की जांच के लिए पीडब्ल्यूडी को लिखा गया है। अब उनकी ओर से कार्य करना है।

डॉ. सुनीता माहेश्वरी, अधीक्षक, पन्नाधाय महिला चिकित्सालय

समझा कर थके

छत से गिरने वाले प्लास्तर की जांच के लिए पीडब्ल्यूडी को लिखा गया है। अब उनकी ओर से कार्य करना है।

रविन्द्र कुमार मूंदड़ा, सहायक अभियंता, पीडब्ल्यूडी