
नामचीन शायरों की पुरअसर शायरी ने जगाया जादू
राकेश शर्मा राजदीप/उदयपुर. सृजन द स्पार्क संस्था द्वारा हिन्दुस्तान जिंक के सहयोग से दो दिवसीय 'एक सुकून: जश्न-ए-परवाज के तहत दूसरी शाम शनिवार को भारतीय लोककला मण्डल में राष्ट्रीय मुशायरे का कार्यक्रम हुआ। जिसमें देश भर से आए नामचीन शायरों की पुरअसर शायरी ने देर रात तक श्रोताओं को बांधे रखा। कार्यक्रम के दौरान बॉलीवुड में अपने दमदार गीतों तथा शायरियों के जरिये अलहदा पहचान बनाने वाले शकील आजमी ने 'खुद को इतना मत बचाया कर, बारिशें हो तो भीग जाया कर..सुनाकर तालियां बटोरीं तो शायर वसीम बरेलवी ने 'खुद को मनवाने का मुझको भी हुनर आता है..पढ़कर माहौल में रंगत पैदा की।इसी क्रम में ग्वालियर से आए शायर मदनमोहन दानिश ने 'ये कहां की रीत है, जागे कोई, सोए कोई.. शायर आलोक श्रीवास्तव ने 'ये सोचना गलत है के तुम पर नजर नहीं.. जैसे कलाम पढ़कर दाद पाईं। इसके बाद शायर शकील जमाली सहित शायर अज्म शाकरी, कश्मीर के शायर विशाल बाग, शायर अजय पाण्डे और गीतकार रमेश शर्मा ने अपनी अपनी शायरियों से सुरूर जगाया। कार्यक्रम के दौरान मुक्ताकाशी मंच पर बड़ी संख्या में युवाओं की उपस्थिति ने नई पीढ़ी पर समारोह के सकारात्मक प्रभाव को मानों अलग से रेखांकित किया।इससे पूर्व संस्था के पूर्वाध्यक्ष श्याम एस सिंघवी ने सृजन द स्पार्क की 5 वर्ष की यात्रा की जानकारी दी। वहीं, संरक्षक प्रसन्न कुमार खमेसरा ने संस्था के योगदान को पावर पॉइन्ट प्रजेन्टेशन के माध्यम से बताते हुए भावी योजनाओं पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम का संचालन ब्रजेन्द्र सेठ ने किया।
इस खास मौके पर हिजिंलि के सीईओ पंकज कुमार, सीईओ एमपी मिश्रा, एसपी श्रीमाली, उर्दू अकादमी के सूफियान, ब्रजेश सोनी, राजेश भारद्वाज, डीआईजी प्रसन्न खमेसरा, फिल्म समीक्षक आरएस यादव, राजेश खमेसरा, चेयरमैन इकराम कुरैशी, दुबई के राजकुमार केसवानी, पीएस तलेसरा, अब्बासअली बन्दूकवाला, हेमन्त भगवानी सहित अनेक गणमान्य उपस्थित थे।
Updated on:
30 Sep 2018, 4:07 PM IST
Published on:
30 Sep 2018, 4:07 PM IST
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